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जर्मनी में बलात्कार का आरोपी 12 साल बाद दिल्ली में गिरफ्तार

जर्मनी में 1 अगस्त 1997 की रात अकेली जा रही 17 वर्षीय युवती को देख अपने दो साथी करण सिंह तथा मो.शहजाद के साथ मिलकर जबरन पकड के गेंग रेप किया। तीनों आरोपी डर्मस्टड स्थित रेस्त्ररां मे सेफ की नौकरी करते थे। तथा अवैघ तरीके से जर्मन गये थे। इन्होंने वहां पर राजनीतिक शरण लेने के लिए भी आवेदन किया था। लेकिन सफल नही हो पाये थे। युवती द्वारा अगले दिन की गई शिकायत के आघार पर जर्मन पुलिस ने रेस्तरा मालिक की निशान देही पर एवं पीडिता के द्वारा बलात्कारियों के फोटो पहचान लिये जाने के आघार पर कोर्ट ने शहजाद (पाक निवासी) को 8 साल एवं करण सिंह को 10 साल कैद की सजा सुनाई। लेकिन जसंवत पकडे जाने से पहले जर्मनी से फरार होकर हॉलेण्ड होते हुए दिल्ली के संजय गांघी ट्रांसपोर्ट नगर में ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय कर रहा था। जर्मनी एम्बेसी ने सम्पूर्ण रेकार्ड भारतीय दूतावास को सन् 2008 में सौंपे।
इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच को दी गई क्राइम ब्रांच ने जसंवत नाम से जर्मन से आये लोगों की जांच पडताल की। इसी बीच सूचना मिली की जसंवत दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का कार्य कर रहा है। वो जर्मनी से 12 साल पहले लौटा है। पुलिस द्वारा आर्दश नगर स्थित उसके घर से दबोचा गया, जिसमें उसने स्वीकार कर लिया यह कृत्य उसने किया था। क्राइम ब्रांच के अनुसार अरोपी पर भारत में ही मामला चलाया जाएगा।




















