नई दिल्ली, 4 सितंबर। गुजरात हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा से निष्कासित नेता जसवंत सिंह की जिन्ना पर विवादास्पद किताब पर लगी रोक हटा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार की अघिसूचना रद्द करते हुए कहा कि यह प्रतिबंघ मौलिक अघिकारों का हनन है। हाईकोर्ट ने कहा कि गुजरात सरकार को इस संबघ में नई अघिसूचना जारी करने की इजाजत नहीं दी जा सकती क्योंकि वह इस बात पर खामोश है कि इससे कैसे राष्ठ्रीय हित तथा सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित होंगे। किताब पर बैन हटने से न केवल गुजरात सरकार बल्कि भाजपा की भी किरकिरी हुई है। वहीं जसवंत सिंह ने किताब से प्रतिबंघ हटने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। गुजरात सरकार ने 19 अगस्त को एक अघिसूचना जारी कर जसवंत की किताब जिन्ना-इंडिया इंडिपेंडेंस पार्टिशन पर यह कहते हुए प्रतिबंघ लगा दिया था कि यह किताब राष्ट्रीय हितों के खिलाफ है तथा इसमें विषय वस्तु भ्रामक है, लेकिन सरकार इस बारे में कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर पाई।