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आंध्रा : जगन समर्थक असहयोग पर उतरे

इधर, सूत्र बताते हैं कि राज्य कांग्रेस में फूट की आशंका बढती जा रही है। शायद पार्टी में बगावत के डर से ही कांग्रेस ने वाईएसआर के करीबी केवीपी रामचंद्र को दिल्ली में ही रूकने के लिए कहा है। एक कांग्रेस विधायक ने कहा, वाईएसआर की मृत्यु के बाद भी बगैर केवीपी की सहमति के, पार्टी में एक पत्ता भी नहीं हिलता। जब तक कांग्रेस आलाकमान जगनमोहन को सीएम बनाने के लिए राजी नहीं होता, तब तक केवीपी दिल्ली में ही रहेंगे।
मंत्री कह रहे हैं कि आप घोडे को पानी के पास तो ले जा सकते हैं, लेकिन उसे जबर्दस्ती पानी नहीं पिला सकते। वाईएसआर के गृह जिले कडप्पा के ही पी. रामचंद्र रेड्डी (वन मंत्री) ने कहा है कि यदि जगन मोहन को सीएम की कुर्सी नहीं मिलेगा, तो पार्टी टूट जाएगी। इस बीच, मुख्यमंत्री रोसैया नियमित रूप से सुबह साढे दस बजे दफ्तर पहुंचते हैं और डेढ बजे वह खाना खाने के लिए लिए घर जाते हैं। वे तीन बजे वापस आकर सायं सात बजे तक दफ्तर का काम निपटाते हैं।



















