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भारत समाचार

आंध्रा : जगन समर्थक असहयोग पर उतरे

हैदराबाद, 10 सितंबर। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी की हेलिकॉप्टर दुर्घटना में मौत के बाद उनके बेटे जगनमोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने की मुहिम चला रहे मंत्रियों ने कार्यवाहक मुख्यमंत्री के. रोसैया को सहयोग करना बंद कर दिया है। इससे रोसैया की मुश्किलें बढती जा रही हैं। जगनमोहन समर्थक मंत्री न तो दफ्तर जा रहे हैं और न ही रोसैया द्वारा बुलाई बैठकों में शामिल हो रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पूरे मंत्रिमंडल में केवल मुख्यमंत्री रोसैया ही दफ्तर आते हैं और काम करते हैं। इस सूत्र ने कहा, मैंने पहले कभी ऎसे हालात नहीं देखे। यह बात परेशान करने वाली है। कार्यवाहक मुख्यमंत्री रोसैया ने रविवार को 39 मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली थी। इस अधिकारी के मुताबिक इन मंत्रियों ने बेमन से शपथ तो ले ली, मगर वे साफ संकेत दे रहे हैं कि उन्हें मात्र जगनमोहन रेड्डी के नीचे ही काम करना है। रोसैया ने बुधवार को जनापूर्ति विभाग की मीटिंग बुलाई थी, जिसमें बढती कीमतों और आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई की समीक्षा की जानी थी, मगर न तो जनापूर्ति मंत्री जे. कृष्णा राव और न ही विभाग के कमिश्नर संजय जाजू इस मीटिंग में पहुंचे। इससे पहले सोमवार को रोसैया की अघ्यक्षता में राज्य में सूखे की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक से कृषि मंत्री एन. रघुवीर रेड्डी नदारद रहे। अगले दिन, मंगलवार को स्वाइन फ्लू पर हुई मीटिंग में स्वास्थ्य मंत्री डी. नागेदर न सिर्फ देरी से पहुंचे, बल्कि मीटिंग खत्म होने से पहले ही चले भी गए। मगर हैरानी की बात यह है कि जगनमोहन रेड्डी के करीबी समझे जाने वाले तीनों मंत्री सविता इंद्रा रेड्डी (गृह), वी. वसंत कुमार (ग्रामीण विकास) और ए. रामनारायण रेड्डी (शहरी विकास) रोसैया की मीटिंग में मौजूद रहे। ऎसा कहा जा रहा है कि रोसैया के साथ उनकी बातचीत एक रणनीति का हिस्सा है।
इधर, सूत्र बताते हैं कि राज्य कांग्रेस में फूट की आशंका बढती जा रही है। शायद पार्टी में बगावत के डर से ही कांग्रेस ने वाईएसआर के करीबी केवीपी रामचंद्र को दिल्ली में ही रूकने के लिए कहा है। एक कांग्रेस विधायक ने कहा, वाईएसआर की मृत्यु के बाद भी बगैर केवीपी की सहमति के, पार्टी में एक पत्ता भी नहीं हिलता। जब तक कांग्रेस आलाकमान जगनमोहन को सीएम बनाने के लिए राजी नहीं होता, तब तक केवीपी दिल्ली में ही रहेंगे।
मंत्री कह रहे हैं कि आप घोडे को पानी के पास तो ले जा सकते हैं, लेकिन उसे जबर्दस्ती पानी नहीं पिला सकते। वाईएसआर के गृह जिले कडप्पा के ही पी. रामचंद्र रेड्डी (वन मंत्री) ने कहा है कि यदि जगन मोहन को सीएम की कुर्सी नहीं मिलेगा, तो पार्टी टूट जाएगी। इस बीच, मुख्यमंत्री रोसैया नियमित रूप से सुबह साढे दस बजे दफ्तर पहुंचते हैं और डेढ बजे वह खाना खाने के लिए लिए घर जाते हैं। वे तीन बजे वापस आकर सायं सात बजे तक दफ्तर का काम निपटाते हैं।

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