मास्को 1,अक्टूबर। भारत और रूस ने वर्ष 2012 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाकर 15 अरब डालर तक करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। परस्पर व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच जैव प्रौद्योगिकी "खाद्य प्रसंस्करण" और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए है। मास्को में रूस-भारत निवेश मंच की तीन दिवसीय बैठक के मौके पर यह समझौते किए गए। बैठक में भारत का प्रतिधित्व कर रहे केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने रूस के प्रधानमंत्री ब्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात के बाद कहा भारत द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्र में रूस के साथ अपने संबंध और घनिष्ठ बनाए जाने के हक में है। उन्होंने कहा कि रूस दशकों से भारत का घनिष्ठ मित्र रहा है। दोनों के बीच यह मित्रता परस्पर विश्वास की ठोस नीवं पर टिकी है। शर्मा ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे के यहां निवेश को बढ़ावा देने की संभावनाओं का भी पता लगाएंगे। उन्होंने कहा कि इसके अलावा लघु और मझौले उद्योग लगाने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है जिसके लिए सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने और ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने की संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है।