नई दिल्ली 1,अक्टूबर। राजस्थान विधानसभा में विपक्ष की नेता वसुंधरा राजे ने एकतरफा सीजफायर का एलान करते हुए संसदीय बोर्ड के फैसले के मुताबिक इस्तीफे का मजमून तैयार कर लिया है। अब भाजपा आलाकमान को तय करना है कि शीर्ष स्तर के मतभेद को सुलझाते हुए कब इस विवाद का पटाक्षेप करे। सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा राजे ने अपने वायदे के मुताबिक आला नेताओं से मेल-मुलाकात का दौर शुरू कर दिया है और इस क़डी में बुधवार को लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक वसुंधरा राजे ने आलाकमान को अवगत करा दिया है कि अब उनका इस्तीफा कोई मुद्दा नहीं है, लेकिन नए नेता के लिए लॉबिंग और ऊहापोह की स्थिति न बने, इसलिए इस्तीफे और नए नेता का एलान एक-साथ करना बेहतर होगा। सूत्रों के माने, तो आलाकमान में इस बात को लेकर अभी दो राय बनी हुई है। वसुंधरा के इस्तीफे को आन की ल़डाई बना चुका राजनाथ खेमा पहले चरण में इस्तीफे का एलान चाहता है, ताकि अपनी बात मनवाने का दावा कर सके। लेकिन वसुंधरा की हिमायत कर रहे आडवाणी-जेटली सरीखे नेता बेवजह भ्रम की स्थिति बनाने के बजाए इस्तीफा और नए नेता का एलान एक साथ चाहते है। अब वसुंधरा राजे की मुलाकात कल राजनाथ सिंह से संभावित है, जबकि मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे वेंकैया नायडु चार अक्टूबर को दिल्ली लौटेंगे। हालांकि वेंकैया नायडू से वसुंधरा राजे की एक दौरे की मुलाकात 25 सितंबर को ही हो चुकी है। लेकिन माना जा रहा है कि चार अक्टूबर को संभावित मुलाकात में वसुंधरा राजे अपनी तरफ से औपचारिकताएं पूरी कर देंगी। जिसके बाद आलाकमान को तय करना है फैसले का एलान क ब किया जाए। हालांकि तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाना आलाकमान के लिए फिलहाल संभव नही है। लेकिन विपक्ष के नेता पद से वसुंधरा के इस्तीफे को लेकर जिस तरह करीब दो महीने तक लंबा विवाद चला है, उससे वसुंधरा राजे बेहद व्यथित बताई जा रही है। अगर वसुंधरा राजे के सुझाव के मुताबिक आलाकमान आगे बढ़ता है, तो इस्तीफे और नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया 12 अक्टूबर के बाद होगी। राजस्थान विधानसभा के स्पीकर दीपेंद्र सिंह शेखावत बुधवार को संसदीय दौरे पर तंजानिया रवाना हो गए हैं, जो 12 अक्टूबर को स्वदेश लौटेंगे। विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा और नए नेता चुने जाने को संवैधानिक मान्यता विधानसभा के स्पीकर ही देंगे, इसलिए भाजपा आलाकमान कुछ दिन और इंतजार कर सकता है। लेकिन आन का मुद्दा बना चुके राजनाथ खेमे ने रार ठानी, तो शुक्रवार को भी इस्तीफे का एलान हो सकता है।