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बढ़ सकता है प्याज का निर्यात मूल्य

नई दिल्ली। दो महीनों में प्याज की कीमतों में दोगुनी बढोतरी के कारण केंद्र सरकार प्याज निर्यात करने की न्यूनतम कीमत में 150 डॉलर प्रति टन तक का इजाफा कर सकती हैं ताकि विदेश में इसकी खेप भेजने की गतिविधियों को हतोत्साहित किया जा सके और घरेलू आपूर्ति बढाई जा सके। विशेषज्ञों का कहना है कि प्याज के न्यूनतम निर्यात मूल्य (एमईपी) को औसतन 450-455 अमेरिकी डॉलर प्रति टन करने के कारण व्यापारी इसका निर्यात करने में हतोत्साहित होंगे और इस तरह से घरेलू आपूर्ति बढ़ेगी। बढा हुआ निर्यात मूल्य नवंबर माह के लिए प्रभावी होगा। कृषि सहकारिता संस्था नेफेड 12 अन्य ऎजेंसियों के परामर्श से हर महीने प्याज का एमईपी निर्धारित करती हैं।
नेफेड ने पिछले महीने एमईपी में 85 डॉलर की वृद्धि करते हुए उसे 300 से 305 डॉलर प्रति टन किया था। सरकारी सूत्रों ने बताया, नवंबर के लिए एमईपी को 150 डॉलर प्रति डॉलर तक बढाया जा सकता हैं ताकि प्याज की घरेलू उपलब्धता बढे। सरकार प्याज की कीमतों को लेकर सतर्क है और वह स्थितियों के अनुरूप कार्रवाई करेगी।
एक अन्य सूत्र ने कहा कि नेफेड ने 30 अक्टूबर की अपनी बैठक में मूल्य स्थिति की समीक्षा की और वह इस सप्ताह एमईपी की घोषणा कर सकता है। प्रमुख व्यापार केंद्र लासालगांव में प्याज का थोक मूल्य सितंबर के आरंभ के 571 रूपए प्रति क्विंटल से बढकर 30 अक्टूबर को 1,251 रूपए प्रति क्विंटल हो गया। इसी प्रकार दिल्ली में इसका थोक मूल्य 830 रूपए से बढकर 30 अक्टूबर को 1,625 रूपए प्रति क्विंटल हो गया। इस माह के आरंभ में नेशनल हार्टिकल्चर रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के निदेशक सतीश भोंडे ने कीमतों में तेजी के लिए सटोरियों और खुदरा विक्रेताओं को जिम्मेदार ठहराया था।

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