पूरे वर्ष में कुल आर्थिक विकास की दर 7.75 फीसदी रहेगी
Dec 18, 2009 12:18 AM
नई दिल्ली। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 7.9 फीसदी की विकास दर से उत्साहित केन्द्रीय वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने शुक्रवार को कहा कि पूरे वर्ष के दौरान कुल आर्थिक विकास की दर 7.75 फीसदी रहेगी। संसद में मध्यावधि समीक्षा पेश करते हुए मुखर्जी ने कहा कि वित्त वर्ष के पहले छह महीनों के दौरान सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के असर और व्यापक आर्थिक स्थिति से स्पष्ट तौर पर पता चलता है कि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा, "वर्ष 2009-10 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विकास की दर 7.9 फीसदी रही। वर्ष के बाकी की दो तिमाहियों और पूरे वर्ष के दौरान विकास की दर अनुमान से कही ज्यादा रहेगी।" मुखर्जी ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में खाने-पीने की प्राथमिक वस्तुओं की कीमतों में हुई वृद्धि चिंता का विषय है और इस तुरंत ध्यान देने की जरूरत है। दस्तावेज में मुखर्जी ने कहा, "वर्तमान में कीमतों में जो वृद्धि दिख रही है उसका आशय देश में इन वस्तुओं की मांग में तेजी से नहीं है।" उन्होंने कहा, "इसका मुख्य कारण आपूर्ति के स्तर पर बाधा का होना है। खाद्यानों के उत्पादन में कमी या कमी की आंशका के कारण ऎसा हुआ है।"