जोधपुर। शहर में अगर नकली दवाइयां बिक भी रही है तो उसें रोकना औषधि नियंत्रण विभाग के बस में नही है। कारण है। संसाधनों का टोटा । संभाग मुख्यालय स्थित सहायक औषधि नियंत्रक कार्यालय के अधीन आने वाले जोधपुर, बाडमेर व जैसलमेर जिलों में से अकेले आने वाले जोधपुर> शहर में 1200 तथा ग्रामीण क्षेत्र में 300 से अधिक मेडिकल स्टोर है। इन डेढ हजार स्टोर्स के नियमित निरीक्षण व यहां बिकने वाली दवाइयों की जांच के लिए विभाग के पास केवल डेढ निरीक्षक है जो चाहे कर भी साल में एक बार सभी पूरी दुकानों का निरीक्षण नहीं कर सकते है। संभाग मुख्यालय स्थित सहायक औषधि नियंत्रण कार्यालय के अधीन तीन जिलों के निजी व सहकारी मेडिकल स्टोर है। जबकि ड्रग इंस्पेक्टर केवल केवल दो ही है। जैसलमेर जिले का काम बीकानेर के इंस्पेक्टर देख रहे है जबकि जोधपुर जिले में स्वीकृत दो पदों में से एक लम्बे समय से खाली है। इसके चलते बाडमेर के निरीक्षक को जोधपुर का अतिरिक्त भार दिया हुआ है जो 15 दिन बाडमेर व 15 दिन जोधपुर मुख्यालय पर रहता है।