कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

जम्मू एवं कश्मीर का परिग्रहण अन्य राज्यों की ही तरह हुआ : कर्ण सिंह

जम्मू। पूर्व केंद्रीय मंत्री कर्ण सिंह ने शुक्रवार को इस बात की पुष्टि की कि जम्मू एवं कश्मीर का भारत के साथ परिग्रहण ठीक उसी तरह हुआ है, जिस तरह से अन्य राज्यों का भारत के साथ परिग्रहण हुआ। अंतिम डोगरा नरेश महाराजा हरि सिंह के बेटे कर्ण सिंह ने विलय की प्रकृति को स्पष्ट करते हुए कहा, ""मेरे पिता ने जम्मू एवं कश्मीर के परिग्रहण सम्बंधी जिस दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया था, वह ठीक उसी तरह था, जिस तरीके से जूनागढ़ और हैदराबाद जैसे अन्य राज्यों का देश में परिग्रहण किया गया था।""
ज्ञात हो कि हरि सिंह ने 26 अक्टूबर, 1947 को भारत के साथ जम्मू एवं कश्मीर के परिग्रहण सम्बंधी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किया था। कर्ण सिंह, जम्मू में आयोजित एक समारोह के इतर मौके पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। आजादी के बाद जम्मू एवं कश्मीर के पहले प्रमुख रहे कर्ण सिंह ने कहा, ""बाद में हैदाबाद और जूनागढ़ ने भारत के साथ एक विलय समझौते पर हस्ताक्षर किया, जबकि जम्मू एवं कश्मीर ने ऎसा नहीं किया। हमारे राज्य को एक विशेष दर्जा है, एक अलग संविधान और अनुच्छेद 370 के तहत भारतीय संघ में इसे विशेष दर्जा प्राप्त है।"" उस समय राज्य के प्रमुख को सद्र-ए-रियासत कहा जाता था। वर्ष 1964 में उपाधि बदल गई और उसके बाद भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्य के प्रमुख के रूप में राज्यपाल की नियुक्ति की जाने लगी।

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें