नई दिल्ली। बॉलीवुड फिल्मकार विपुल शाह को नाटकों को ब़डे पर्दे पर उतारना पसंद है और उन्होंने अपनी नई फिल्म "एक्शन रिप्ले" के साथ भी ऎसा ही किया है।
शाह मानते हैं कि रंगमंचीय प्रस्तुतियां पटकथाओं को जांचने का अच्छा जरिया हैं। शाह ने मुम्बई से फोन पर एक साक्षात्कार में कहा, ""मैं अपने नाटकों को पर्दे के लिए ढालता हूं। मेरा पहला नाटक जिस पर फिल्म बनी थी वह "आंखें" था। इसके बाद मैंने आतिश कपाडिया के नाटक पर "वक्त" फिल्म बनाई।"" उन्होंने कहा, ""मेरे पास "एक्शन रिप्ले" की पटकथा बहुत लम्बे समय से थी। मेरे पास इसे बनाने के लिए सही बजट नहीं था। अंतत: मुझे फिल्म बनाने के लिए बजट और तकनीक मिली और मैंने इसे बनाने का निर्णय लिया।"" शाह कहते हैं कि उनका विश्वास है कि यदि पटकथाओं को पहले मंच पर प्रस्तुत किया जाए तो उन पर आधारित फिल्मों को बहुत सफलता मिलती है।
यह कोई नई बात नहीं है और दुनिया में पहले भी ऎसा होता आया है। उन्होंने कहा कि किताबों या नाटकों पर आधारित फिल्में पहले भी बनती रही हैं। शाह के लिए थियेटर उनका पहला प्यार है लेकिन वह फिल्मों में व्यस्त रहते हैं। हाल ही में उन्होंने 14 साल के अंतराल के बाद "बस इतना सा ख्वाब" नाटक पेश किया। यह उनका पांचवा नाटक था। "एक्शन रिप्ले" फिल्म 1994 के इसी नाम के गुजराती नाटक पर आधारित है। कपाडिया ने इसकी पटकथा लिखी है और अक्षय कुमार व ऎश्वर्या राय ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। इसमें 70 के दशक की मुम्बई को दिखाया गया है। शाह के निर्माण व निर्देशन में बनी इस फिल्म में नेहा धूपिया, रणधीर कपूर और राजपाल यादव ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
इस शुक्रवार को इसका प्रदर्शन होगा। शाह कहते हैं कि "एक्शन रिप्ले" रोमांस से भरी हास्य फिल्म है। इसमें अक्षय व ऎश्वर्या पहली बार एक साथ नजर आएंगे।





















