मुंबई। आदर्श हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइट घोटाले पर अब महाराष्ट्र सरकार बचाव की मुद्रा में आ गई है। मीडिया के लगातार हमलों से परेशान मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण कने इसे जारी किया गया ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट (आधिपत्य प्रमाण-पत्र) रद्द कर दिया है।
इसके चलते उनकी कुर्सी पर भी खतरा मंडराने लगा है और वह दस-जनपथ पर अपनी सफाई देने के लिए शनिवार को राजधानी दिल्ली पहुंच गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि उनकी सास और अन्य रिश्तेदारों को जो फ्लैट आवंटित किए गए थे, वे भी वापस कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं, तीन पूर्व सैन्य प्रमुखों- जनरल दीपक कपूर, जनरल एनसी विज और एडमिरल माधवेंद्र सिंह ने भी अपने-अपने अपार्टमेंट्स वापस करने की पेशकश कर दी है।
चौतरफा बढ़ते दबाव के बीच मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने कहा, मैंने मीडिया में छप रही आदर्श सोसाइटी घोटाले से जु़डी खबरों को बेहद गंभीरता से लिया है। मैंने एमएमआरडीए से कह दिया है कि इस बिल्डिंग को दिया गया ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट रद्द कर दिया जाए। उन्होंने कहा, हम सीआरजेड उल्लंघन पर वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। अगर यह रिपोर्ट उसके खिलाफ आती है, तो हम उसके सुझाव का पालन करेंगे। अगर रिपोर्ट कहे तो ओसी हमेशा के लिए खारिज कर दी जाएगी। यदि ओसी खारिज होती है, तो बिल्डिंग का पानी और बिजली सप्लाई कनेक्शन तुरंत काट दिया जाएगा।
अशोक चव्हाण ने अपने रिश्तेदारों को फ्लैट्स आवंटन के आरोपों के बारे में कहा कि वे लोग उनके परिवार के दायेर में नहीं आते। मुख्यमंत्री सास को भी परिवार की परिभाषा में नहीं मानते। फिर भी उन्होंने कहा कि उनकी सास अब इस दुनिया में नहीं है और फ्लैट भी वापस कर दिया गया है। अन्य रिश्तेदारों ने फ्लैट्स वापस कर दिए हैं।
उनका कहना है कि उनकी सरकार की इस मामले में कोई भूमिका नहीं रही है, न ही उन्होंने इस मामले में अपने पद एवं प्रभाव का को उपयोग किया है। मगर, मुख्यमंत्री के इस दावे की दस्तावेज धज्जियां उ़डाते हैं। इन दस्तावेजों में आदर्श हाउसिंग सोसाइटी की तरफ से चव्हाण के नाम लिखा गया एक पत्र भी है। यह पत्र उन्हें तब लिखा गया था जब वह राजस्व मंत्री थे।
सैन्य प्रमुखों ने भी कहा, वापस ले लें फ्लैट्स : आदर्श हाउसिंग को-ऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले की खबरों से परेशान पूर्व सैन्य प्रमुखों- जनरल दीपक कपूर, जनरल एनसी विज और एडमिरल माधवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को फ्लैट्स वापस करने की पेशकश कर दी। हालांकि उनकी ओर से जारी बयान में कई सवालों के जवाब नहीं मिलते।
इस बयान से यह साफ नहीं होता कि वे फ्लैट्स तुरंत लौटाएंगे या वे जांच खत्म होने का इंतजार करेंगे।
भारत समाचार
आदर्श सोसाइटी घोटाला, आधिपत्य प्रमाण-पत्र रद्द





















