नई दिल्ली। निशानेबाज पेम्बा तमांग राष्ट्रमंडल खेलों की टीम में नहीं शामिल किए जाने की निराशा को भुला चुके हैं, उनका मानना है कि इससे एक फायदा हुआ कि चीन के ग्वांगझू में उन पर देशवासियों की उम्मीदों का दबाव नहीं होगा। वे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।
पेम्बा ने कहा, मैं राष्ट्रमंडल खेलों की टीम में नहीं चुने जाने से काफी निराश था लेकिन एशियाड से पहले मुझे काफी अच्छा अभ्यास मिल सकता था जिससे मैं महरूम रह गया। हालांकि वे साथ ही इस बात से भी संतुष्ट है कि राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने से उन पर एशियाड में शानदार प्रदर्शन का दबाव होता जो जब नहीं होगा। मेलबर्न राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले तमांग ने कहा मुझे लगता है कि राष्ट्रमंडल खेलों के पदकधारियों पर एशियाड में तमगा जीतने का दबाव होगा जबकि मै बिना किसी दबाव के अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा। मैं इसे सकारात्मक रूप से ले रहा हूं। मुझसे देशवासियों की इतनी उम्मीदें नहीं होगी, जिससे मैं बिना दबाव के निशाना साध पाऊंगा।





















