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भारत समाचार

चव्हाण ने इस्तीफे की पेशकश, सोनिया ने दिया जांच का आदेश

नई दिल्ली/मुम्बई। मुम्बई स्थित आदर्श हाउसिंग सोसाइटी को लेकर विवादों में घिरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान इस्तीफे की पेशकश की, तो वहीं गांधी ने दो केंद्रीय मंत्रियों को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंप दी।
गांधी ने वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और रक्षा मंत्री ए.के.एंटनी की दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। यह समिति राजनीतिज्ञों, नौकरशाहों और सैन्य अधिकारियों के नाम सोसायटी में फ्लैटों के आवंटन की जांच करेगी।
पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने पत्रकारों को बताया, ""यह सच है कि चव्हाण ने पद छो़डने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन इस पर कोई निर्णय तभी लिया जाएगा, जब दो सदस्यीय समिति की रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष के पास आ जाएगी।"" चव्हाण ने यहां 10, जनपथ स्थित गांधी के आवास पर उनसे मुलाकात की। सूत्रों ने बताया कि इस दौरान पार्टी मामलों के महाराष्ट्र प्रभारी ए.के.एंटनी और गांधी की राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी मौजूद थे। इसके पहले चव्हाण ने अपनी पत्नी अमिता के साथ अहमद पटेल से मुलाकात की। चव्हाण ने संवाददाताओं को बताया, ""मुम्बई आदर्श सोसाइटी को लेकर जो बवाल ख़डा हुआ है, उसके बारे में मैंने पूरी जानकारी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को दी। मैंने पूरी सच्चााई उनके सामने रखी है।"" चव्हाण ने कहा, ""हमारी यही भूमिका रही है कि आदर्श सोसाइटी की जमीन महाराष्ट्र सरकार की है। मैंने कल भी यही बात कही थी। इस मामले में जांच हो रही है और जांच में पूरी सच्चाई सबके सामने आ जाएगी। मैंने सोनिया जी के समक्ष इस्तीफे की पेशकश की है और अब पार्टी आलाकामान को इस पर निर्णय लेना है।"" कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि गांधी महाराष्ट्र के राजनीतिक मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ चर्चा कर सकती हैं। सिंह शनिवार की रात दिल्ली लौट रहे हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने मुम्बई में आईएएनएस को बताया, ""चव्हाण के इस्तीफे पर अगले 48 घंटों के दौरान कोई निर्णय ले लिया जाएगा। या फिर एक हफ्ते या उसके और बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।"" कांग्रेस सचिव व महाराष्ट्र मामलों के प्रभारी मोहन प्रकाश ने आईएएनएस को बताया, ""हमारे नेता, एंटनी जी और प्रणब मुखर्जी जी मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। जांच के बाद सोनिया जी कोई उचित निर्णय लेंगी।"" ज्ञात हो कि कारगिल के शहीदों के लिए बनी इस आवासीय इमारत में चव्हाण की सास और उनके दो अन्य रिश्तेदारों को फ्लैट आवंटित हुए थे। इस वजह से चव्हाण भी आरोपों से घिर गए हैं। इसी के मद्देनजर कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें दिल्ली तलब किया था। सूत्रों के मुताबिक चव्हाण से मिलने से पहले सोनिया ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयराम रमेश, अहमद पटेल, पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी और केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के साथ बैठक की। इससे पहले मुम्बई में शुक्रवार को चव्हाण ने आदर्श सोसाइटी में अपने किसी भी रिश्तेदार के शामिल होने से इंकार किया था। इसके साथ ही उन्होंने अपने त्याग पत्र की मांग भी खारिज कर दी थी। इस पूरे विवाद के तूल पक़डने के बाद कांग्रेस ने चव्हाण से दूरी बना ली थी। पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने शुक्रवार को कहा था कि रक्षा मंत्री ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने की प्रतीक्षा होनी चाहिए। इस बीच, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चव्हाण को बर्खास्त किए जाने की शनिवार को मांग की। भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने यहां संवाददाताओं से कहा, ""भावनात्मक रूप से जिम्मेदारी लेने की बात नहीं स्वीकारी जा सकती। हरगिज नहीं।
भाजपा मांग करती है कि मुख्यमंत्री तत्काल इस्तीफा दें, या उन्हें तत्काल बर्खास्त कर दिया जाए।"" सीतारमन ने दूसरी मांग सामने रखते हुए कहा कि सरकार सर्वोच्चा न्यायालय के किसी न्यायाधीश के नेतृत्व में इस मामले की जांच का आदेश दे। उन्होंने कहा, ""जांच एक निर्धारित समय में पूरी हो जाए, ताकि हमें पता चल सके कि ग़डब़डी कहां हुई। यह सब एक निर्धारित समय सीमा के भीतर हो जानी चाहिए।"" सीतारमन ने कहा कि केंद्र सरकार को रक्षाकर्मियों के लिए आरक्षित सम्पत्ति एवं भूखण्ड की हिफाजत के लिए उपाय करने चाहिए। उन्होंने कहा, ""हम सशस्त्र बलों के लिए निर्धारित की गई सम्पत्ति का इस तरह से दुरूपयोग नहीं देख सकते।""

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