रांची। झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा को मत्रिमण्डल विस्तार में क़डी चुनौती का सामना करना प़ड रहा है। वह अपने मत्रिमण्डल में स्वयं सहित अधिकतम 12 मंत्रियों को शामिल कर सकते हैं जबकि कई पार्टियां जगह पाने की हो़ड में शामिल हैं।
मंगलवार को अपनी सरकार का बहुमत साबित करने वाले मुंडा ने 11 सितम्बर को दो उप मुख्यमंत्रियों- सुदेश महतो एवं हेमंत सोरेन के साथ शपथ ली थी। सुदेश ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के प्रमुख तथा हेमंत झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख शिबू सोरेन के पुत्र हैं। मुंडा अब अपने मंत्रिमण्डल में नौ और मंत्रियों को शामिल करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक 12 सदस्यीय मंत्रिमण्डल में झामुमो कैबिनेट स्तर के पांच मंत्रियों को जगह दिलाना चाहती है, जबकि आजसू तीन तथा जनता दल (युनाइटेड) को एक मंत्री पद चाहिए। झामुमो एवं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों के पास 18-18 सीटें हैं। सूत्रों ने बताया कि उम्मीद है कि भाजपा मुंडा के अलावा दो और कैबिनेट मंत्री पद से संतुष्ट हो जाएगी। तीन कैबिनेट मंत्री पद आजसू के लिए रखे गए हैं, जबकि झामुमो पांच कैबिनेट मंत्री पद चाहती है। झामुमो में मंत्री पद पाने के दावेदार हैं- टेकलाल महतो, साइमन मरांडी, चम्पई सोरेन, मथुरा महतो, हाजी हुसैन अंसारी एवं सीता सोरेन। सीता सोरेन शिबू सोरेन की बहू हैं और उन्होंने मंत्री बनने की इच्छा जाहिर की है। शिबू सोरेन के लिए यह तय करना मुश्किल हो गया है कि वह बहू को चुनें या टेकलाल, हेमालाल, साइमन जैसे समर्पित वरिष्ठ विधायकों तथा अन्य को। उनके पुत्र हेमंत तो उप मुख्यमंत्री हैं ही। भाजपा में कम से कम सात विधायक मुंडा मंत्रिमण्डल में जगह पाने की जुगत लगा रहे हैं।
इनमें पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष रघुवर दास, बैजनाथ राम, नीलकंठ सिंह मुंडा, बरकुंवर गगराई, अरूण मंडल, मेनका सरदार और सत्यानंद झा। भाजपा के सूत्रों का कहना है कि जद (यु) को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकता है, क्योंकि उनके केवल दो विधायक सुधा चौधरी और राजा पटेल हैं। ये दोनों मुंडा मंत्रिमण्डल में जगह पाने की हो़ड में हैं। सूत्रों का कहना है कि जद (यु) विधायकों को बोर्डो एवं निगमों में समायोजित किया जा सकता है। ऎसे में भाजपा को एक और मंत्री पद मिलता नजर आ रहा है। मुंडा भाजपा एवं जद (यु) के मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए नई दिल्ली का दौरा करेंगे। भाजपा के मंत्रियों के नाम केंद्रीय नेताओं को तय करने हैं। मुंडा के नई दिल्ली में जद (यु) अध्यक्ष शरद यादव से भी मुलाकात करने की उम्मीद है। मुंडा ने संवाददाताओं से कहा, ""मंत्रिमण्डल का विस्तार सलाह-मशविरे और काफी सोच-विचार के बाद किया जाएगा। इसमें कोई समस्या अ़ाडे नहीं आएगी।""





















