मुंबई/कोलकाता। सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी, कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने कॉरपोरेट इंडिया के इतिहास में 3.5 अरब डॉलर की सबसे ब़डी प्राथमिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पेश की और सोमवार को पहले ही दिन इसका 34 प्रतिशत हिस्से के लिए आवेदन प्राप्त हो गए। हालांकि कम्पनी ने आशंका जाहिर की है कि कर्मचारियों के लिए तय कोटे को नहीं भरा जा सकेगा। शेयर बाजारों की ओर से उपलब्ध कराए गए आक़डों के अनुसार 225 से 245 रूपये तक कीमत वाले शेयरों के लिए शाम पांच बजे तक 213,486,275 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि बिक्री के लिए कुल 631,636,440 शेयर उपलब्ध हैं। कोल इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पार्था एस.भट्टाचार्य ने कोलकाता में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कर्मचारियों के लिए आरक्षित एक प्रतिशत हिस्से में से 10 प्रतिशत के लिए आवेदन प्राप्त नहीं हुआ। भट्टाचार्य ने कहा, ""ट्रेड यूनियनों के व्यवहार के कारण कर्मचारियों का रूझान प्रभावित हुआ है। ट्रेड यूनियन दुविधा में रहे हैं। हम इस स्थिति से बहुत खुश नहीं है, क्योंकि इस तरह की प्रक्रिया में कर्मचारियों की भागीदारी अति वांछनीय है।"" सीआईएल और इसकी सहयोगी इकाइयों के लगभग 400,000 कर्मचारी इस प्रस्ताव में भागीदारी के अधिकारी हैं।
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कोल इंडिया को पहले ही दिन 34 फीसदी आईपीओ के प्राप्त हुए आवेदन





















