बेंगलुरू। कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने कहा है कि सोमवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा द्वारा ध्वनिमत से विश्वास प्रस्ताव पर जीत हासिल करना उचित नहीं था क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुछ भी स्पष्ट नहीं हो सका था कि कितने सदस्य सरकार के पक्ष में थे और कितने विपक्ष में।
राज्यपाल ने राजभवन में मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि पुलिसकर्मियों और अनाधिकृत लोगों की मौजूदगी से विधानसभा का माहौल खराब कर दिया गया था। इससे पहले भारद्वाज ने मुख्यमंत्री येदियुरप्पा से कहा कि वे गुरूवार सुबह 11 बजे तक फिर से बहुमत साबित करें। भारद्वाज ने राज्य की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह भ्रष्टाचार में लिप्त है और विकास से जु़डा कोई काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा, ""मैं राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार से तंग आ चुका हूं।"" राज्यपाल ने सोमवार को केंद्र सरकार को भेजी अपनी रिपोर्ट में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की अनुशंसा की थी। मंगलवार शाम केंद्रीय मंत्रिमंडल इस मामले पर चर्चा के लिए बैठक कर रहा है। गौरतलब है कि सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया ने विश्वास प्रस्ताव पर मतदान से पहले 16 बागी विधायकों को दल-बदल कानून के तहत अयोग्य करार दिया था और इसके बाद येदियुरप्पा सरकार ने ध्वनिमत से विश्वासमत हासिल कर लिया था।





















