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भारत समाचार

मिस्त्री की पुस्तक थोपी नहीं जा सकती : आदित्य ठाकरे

मुम्बई। महाराष्ट्र की राजनीति में ब़डी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहे शिवसेना के युवा नेता आदित्य ठाकरे ने कहा है कि रोहिंटन मिस्त्री की पुस्तक "सच ए लांग जर्नी" के बाजारों में बिकने पर ऎतराज नहीं है लेकिन इसे मुम्बई विश्वविद्यालय के पाठयक्रम में जगह नहीं दी जा सकती। आदित्य 20 साल के हैं और सेंट जेवियर्स कॉलेज के छात्र हैं।
उनका कहना है कि शिवसेना प्रमुख और उनके दादा बाल ठाकरे आधुनिक भारत के उनके सबसे ब़डे आदर्श हैं। उन्होंने कहा, ""इस पुस्तक के बाजार में उपलब्ध रहने पर कोई ऎतराज नहीं है। परंतु यह हम पर थोपी जा रही थी। हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।"" शिवसेना की छात्र शाखा के विरोध के बाद मिस्त्री की इस पुस्तक मुम्बई विश्वविद्यालय के पाठयक्रम से हटा लिया गया था।
आदित्य ने कहा, ""नीति की आलोचना उचित है और हमें स्वीकार भी है। परंतु ऎसी पुस्तक हमारे पाठयक्रम का हिस्सा बन जाए, जिसे पचा पाना हमारे लिए असंभव है।"" उन्होंने कहा, ""इस पुस्तक में मुम्बई की कई चीजों के बारे में गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया है। हम इसे पाठयक्रम में शामिल करने के हम खिलाफ हैं। आश्चर्य की बात है कि यह बीते तीन वर्षो से विश्वविद्यालय के पाठयक्रम का हिस्सा थी।""
बाल ठाकरे ने रविवार को मुम्बई के शिवाजी पार्क में आयोजित जनसभा में आदित्य का औपचारिक रूप से "राजनीतिक अभिषेक" किया।  

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