कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

पश्चिम बंगाल में तूर्यनाद के साथ मां दुर्गा की विदाई

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चार दिनों तक भक्ति और उत्साह पूर्वक दुर्गा पूजा मनाने के बाद विजया दशमी के दिन रविवार को भक्तों ने तालाबों एवं नदियों में देवी की मूर्तियों का विसर्जन किया। इस दौरान गंगा और अन्य नदियों का नजारा अत्यंत मनोहारी था। देवी और उनकी चार संततियों लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिक की मूर्तियों के विसर्जन के लिए श्रद्धालु नदी तट पर पूजा आयोजक जुलूस के साथ पहुंचे।
रंग-बिरंगी पताकाओं और ढोल-नग़ाडों की आवाजों ने अनोखा दृश्य उपस्थित किया। सैक़डों की संख्या में भक्तों और छोटे बच्चाों ने मूर्तियों को जल में विसर्जित किया। मूर्ति विसर्जन के साथ ही राज्य के सबसे ब़डे धार्मिक त्योहार का समापन हो गया। भक्तों ने देवी को अगले वर्ष फिर से आने का न्योता दिया। मध्य कोलकाता स्थित गंगा में बना लोकप्रिय बाबूघाट श्रद्धालुओं की ब़डी संख्या में मौजूदगी के कारण आकर्षण का केंद्र रहा। मनोहारी दृश्यों के प्रत्येक क्षण को अपने परिष्कृत एसएलआर कैमरे में कैद कर रहे विदेशी पर्यटक विलियम ब्राउन ने बताया, ""यह अद्भुत अनुभव है। सचमुच सुंदर और शानदार है। जब अपने घर लौटकर मैं वहां के लोगों को ये दृश्य दिखाऊंगा तो वे मेरी खूब सराहना करेंगे।"" मान्यता है कि मूर्ति का विसर्जन देवी के अपने माता-पिता के घर थो़डे दिन के निवास का प्रतीक है। इसके बाद देवी अपने पति भगवान शिव के पास कैलाश पर्वत पर चली जाती हैं। पुलिस ने बताया कि नदी के तटों पर सुरक्षा के क़डे प्रबंध किए गए थे। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए नावों को तैयार रखा गया था।
सुबह के समय शादीशुदा महिलाओं ने देवी और उनके पुत्रों पर सिंदूर छि़डका और उन्हें मिठाइयां भेंट कर अपने परिवार और पति की खुशी के लिए प्रार्थना की। उधर, मिठाई की दुकानों पर लोगों की काफी भी़ड देखी गई। लोग एक दूसरे को "शुभो विजया" की बधाई दे रहे थे।

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें