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भारत समाचार

उप्र के कुछ जिलोँ में बाढ़ की स्थिति गंभीर

लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलो में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों के दौरान 120 गांव जलमग्न हो गए हैं और 13 लोगों की मौत हो चुकी है। बिजनौर, अमरोहा, कांशीरामनगर, मुजफ्फरनगर, बरेली, रामपुर, बुलंदशहर, मेरठ और सहारनपुर जिलों के प्रभावित गांवों में गंगा, कोसी, मालन और रामगंगा नदियों के जलस्तर में कमी आने से बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है लेकिन कुछ जिलों में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए है।
अधिकारियों के मुताबिक फर्रूखाबाद, बदायूं, शाहजहांपुर और उन्नाव जिलों में हालात फिलहाल सामान्य नहीं है। यहां गंगा और रामगंगा का कहर जारी है। सेना अभी भी इन जिलों में राहत कार्य में लगी हुई है। लखनऊ स्थित राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक इन बाढ़ प्रभावित जिलों में पिछले 24 घंटों के दौरान 13 मौतें हुई है। प्रदेश में 20 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और करीब 10 लाख हेक्टेयर फसल चौपट हो गई है। बारिश और उत्तराखण्ड के बांधों से भारी मात्रा में पानी छो़डे जाने के कारण रामगंगा, मालन, कोसी और गंगा नदी उफान पर आ गई थीं। बिजनौर के अपर जिलाधिकारी रेवा राम सिंह ने बुधवार को बताया कि पिछले दो-तीन दिनों से बारिश रूकी हुई है और उत्तराखंड के बांधों से ब़डी मात्रा में पानी नहीं छो़डा गया, जिससे हालात सामान्य हुए है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जिलों के निचले इलाकों के करीब दो हजार से अधिक गांवों बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से बेघर हुए लाखों लोग प्रशासन के अस्थाई शिविरों व ऊंचाई वाले स्थानों पर शरण लिए हुए है। उधर, घाघरा और शारदा नदियों के जलस्तर में वृद्धि होने की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश में 12 जिले पहले ही बाढ़ से प्रभावित हैं।  

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