नई दिल्ली। प्रत्यक्ष कर संहिता (डीटीसी) के नये मसौदे में दो लाख रूपये तक की सालाना आय पूरी तरह कर मुक्त की जा सकती है। वर्तमान में सालाना 1.60 लाख रूपये तक की आय ही करमुक्त है। सूत्रों के अनुसार, भविष्य निधि एवं पैशन जैसी दीर्घकालीन बचतों की निकासी के समय राशि को करमुक्त रखे जाने के मौजूदा प्रावधान को बरकरार रखने पर भी वित्त मंत्रालय सहमत हो सकता है। नये संशोधित प्रारूप के अनुसार सालाना 10 लाख रूपये से अधिक की आमदनी वालों को अधिक आयकर देना पड सकता है।
डीटीसी के पहले मसौदे में सालाना 10 लाख रूपये से 25 लाख रूपये तक की आय पर 20 प्रतिशत की दर से आयकर प्रस्तावित था जिसे अब बढाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। संशोधित प्रारूप में 10 लाख रूपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत आयकर लगाने का प्रावधान होने की संभावना है। प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता आयकर अधिनियम, 19611 का स्थान ले लेगी। सरकार का इरादा इसे अगले वर्ष अप्रैल से लागू करने का है। वर्तमान में सालाना 8 लाख रूपये से अधिक की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाया जाता है। जबकि नये मसौदे में इसे बढाकर 10 लाख रूपये करने का प्रस्ताव है।
सूत्रों के अनुसार 5 लाख रूपये से 10 लाख रूपये वार्षिक आय पर 20 प्रतिशत आयकर लग सकता है जबकि पहले मसौदे में आयकर की यह दर 10 लाख रूपये से 25 रूपये तक की आय पर प्रस्तावित थीं। नये प्रस्ताव में दो लाख से पांच लाख पर दस प्रतिशत, पांच लाख से दस लाख> तक 20 और दस लाख से अधिक की सालाना आय पर 30 प्रतिशत कर लगाने का प्रावधान हो सकता है।
भारत समाचार
दो लाख की आय होगी कर मुक्त!





















