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भारत समाचार

सैयद अली गिलानी गिरफ्तार, घाटी में झडपों के दौरान 30 से अधिक घायल

श्रीनगर। हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी ध़डे के नेता सैयद अली गिलानी की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को समूची कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों एवं प्रदर्शकारियों के बीच हुई झ़डपों में 30 से अधिक लोग घायल हो गए। कफ्र्यू के दौरान लगे प्रतिबंधों एवं सुरक्षाकर्मियों की ब़डी संख्या में तैनाती के बावजूद लोग अपने घरों से निकल आए और भारत विरोधी नारे लगाने लगे। इस कारण गलियों में सुरक्षा बलों के साथ ल़डाई शुरू हो गई। अधिकारियों ने जम्मू एवं कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में बेमियादी कफ्र्यू लगा दिया तथा दक्षिणी शहरों अनंतनाग और बिजबेह़डा में प्रतिबंध लगा दिए। इसी तरह के प्रतिबंध उत्तरी कश्मीर के कंगन कस्बे में भी लगाए गए। श्रीनगर के बेमिना, हैदरपोरा, गलवानपोरा, सौरा और हबक इलाके में पत्थरबाज प्रदर्शकारियों की पुलिस एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ झ़डपें हुई। झ़डपों के दौरान सुरक्षा बलों ने लाठी चार्ज किया और आंसूगैस के गोले दागे। इससे पहले शहर के बेमिना इलाके में उग्र भी़ड ने श्रीनगर विकास प्राधिकरण के एक वाहन में आग लगा दी। बंद के आह्वान के कारण बुधवार की सुबह हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी नेता गिलानी को उनके शहर हैदरपोरा स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया गया। भी़ड ने श्रीनगर की स़डकों पर ख़डे कई वाहनों की हवा निकाल दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गिलानी की गिरफ्तारी ऎहतियात के तौर पर की गई है। उन्हें बडगाम जिले के हमाहम थाने ले जाया गया है। अधिकारी ने बताया, ""श्रीनगर शहर में कफ्र्यू जारी है। दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग और बिजबेह़डा कस्बे में प्रतिबंध लगाए गए हैं।
उत्तरी कश्मीर के कंगन कस्बे में भी प्रतिबंध लगाया गया है।"" कफ्र्यू के कारण श्रीनगर में दुकानें, शौक्षणिक प्रतिष्ठान, बैंक और डाकघर बंद रहे और वाहन नहीं चले। अन्य स्थानों पर बंद की वजह से जनजीवन प्रभावित रहा। बुधवार को कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान करने वाले गिलानी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा था, ""नई दिल्ली को अपने फैसले के लिए हमेशा पछताना प़डेगा।"" उन्होंने कहा कि यदि बातचीत शुरू करने के लिए उनकी पांच शर्तें नहीं मानी गई तो ऎसे विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा जिसकी सरकार ने कल्पना तक नहीं की होगी। गिलानी की पांच शर्तो में-कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय समस्या स्वीकार करना, किसी विश्वसनीय एजेंसी की निगरानी में विसैन्यीकरण, राजनीतिक बंदियों और युवकों की रिहाई, सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिकार (एएफएसपीए) और सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) को हटाना तथा 69 मासूम कश्मीरियों को मारने वाले "युद्ध अपराधियों" पर मुकदमा चलाना शामिल है। गिलानी ने लोगों से गुरूवार से ईद तक तीन दिन सामान्य दिनचर्या जारी रखने को कहा है।
घाटी में 11 जून से जारी हिंसा में सुरक्षा बलों के हाथों 69 लोगों की मौत के कारण गिलानी ने इस वर्ष ईद सादगी से मनाने का आग्रह किया है। गिलानी गुट पिछले तीन महीने से साप्ताहिक आधार पर बंद का आयोजन करता आ रहा है। श्रीनगर-मुजफ्फराबाद मार्ग को जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सोमवार को की गई सुरक्षा बलों की कार्रवाई में चार लोग मारे गए थे और 15 अन्य जख्मी हो गए थे। इस घटना के बाद तनाव और बढ़ गया तथा ईद के लिए लोगों के उत्साह में कमी आई।

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