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भारत समाचार

मुझे बलि का बकरा बनाया जा रहा है: मित्तल

नई दिल्ली। भाजपा नेता सुधांशु मित्तल ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रमंडल खेलों से जु़डे भ्रष्टाचार के संदर्भ में उनके कम्पनी पर आयकर विभाग की ओर से मंगलवार को मारा गया छापा राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।

मित्तल ने कहा कि उन्हें राजनीतिक फायदों के लिए "बलि का बकरा" बनाया जा रहा है। आयकर विभाग के अधिकारियों ने मित्तल की कम्पनी "दिल्ली टेंट एंड डेकोरेटर्स" के अलावा दिल्ली में कुल 25 जगहों पर छापे मारे थे। छापेमारी की कार्रवाई "दीपाली टेंट एंड डेकोरेटर्स" के दफ्तर पर भी गई थी। यह कम्पनी मित्तल के एक नजदीकी रिश्तेदार की है। मित्तल ने बुधवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ""मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरी कम्पनी को राष्ट्रमंडल खेलों में सिर्फ 29 लाख रूपये के ठेके मिले थे। कहा जा रहा है कि इन खेलों में 77,000 करो़ड रूपये खर्च हुए। मैं पूछना चाहता हूं कि अगर 77,000 करो़ड रूपये का भ्रष्टाचार हुआ तो फिर सबसे पहले मेरे खिलाफ कदम क्यों उठाया गयाक्"" उन्होंने कहा, ""मेरी कम्पनी पर छापा मारे जाने से एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष (नितिन गडकरी) ने राष्ट्रमंडल खेलों से जु़डे भ्रष्टाचार को लेकर कई खुलासे करने का ऎलान किया था। ऎसे में सबसे पहले मेरे के खिलाफ कदम उठाया गया। इसे क्या समझा जाएक् यह मेरे खिलाफ राजनीतिक बदले की कार्रवाई है।"" एक समय मित्तल भाजपा के दिवंगत नेता प्रमोद महाजन के सबसे करीबियों में गिने जाते थे। उन्होंने कहा, ""यह बात सही है कि "दीपाली टेंट" में मैं कभी निदेशक था लेकिन अब नहीं हूं। इस कम्पनी और मेरी कम्पनी में बीते 30 वर्षो से प्रतिस्पर्धा चली आ रही है। मेरा सवाल है कि अगर दीपाली की ओर से कोई गलती की गई तो उसमें मेरा क्या दोष हैक्"" मित्तल ने कहा, ""पूरा देश जानना चाहता है कि राष्ट्रमंडल खेलों में 77,000 करो़ड रूपये कहां, कब और किसने खर्च किए। अगर भ्रष्टाचार हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। जो लोग भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ क़डी कार्रवाई होनी चाहिए।"" गौरतलब है कि राष्ट्रमंडल खेलों के खत्म होने के बाद सरकार की ओर से भ्रष्टाचार की जांच के लिए पूर्व महालेखा परीक्षक वी.के. शुंगलू के नेतृत्व में एक उच्चास्तरीय समिति का गठन किया है।  

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