नई दिल्ली। हैंडलूम और पावरलूम क्षेत्र के छोटे और पारंपरिक बुनकरों की समस्या दूर करने के लिए कप़डा मंत्रालय ने कच्चे रेशम के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी दी है। भारत में कच्चे रेशम का मौजूदा उत्पादन लगभग 19000 मीट्रिक टन है, जबकि मांग 29000 मीट्रिक टन है। इस अंतर को दूर करने के लिए 30 प्रतिशत के बुनियादी सीमा शुल्क पर कच्चा रेशम आयात किया जाता है। वर्ष 2009-10 में इसके उत्पादन बढ़ने के बावजूद आपूर्ति और मांग में यह अंतर बना रहेगा।
मंत्रालय के अनुसार नौ राज्य कच्चे रेशम का उत्पादन नहीं करते हैं लेकिन वहां के कुछ ब़डे व्यापारी कीमतों को नियंत्रित करते हैं, चाहे विश्व बाजार में कच्चे रेशम की कीमत कुछ भी हो। पिछले एक साल में विश्व बाजार में कच्चे रेशम की कीमतों में हलचल रही जिसका असर वाराणसी, कांचीपुरम आदि के पारंपरिक बुनकरों पर प़डा है।
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कच्चे रेशम के शुल्क मुक्त आयात को मंजूरी





















