वाशिंगटन। अपने सामान के साथ पीतल के छल्ले ले जाने के आरोप में टेक्सास की एक जेल में कैद एक भारतीय वृत्तचित्र फिल्मकार कानूनी पेंचों में न उलझते हुए जल्दी ही स्वदेश लौटेंगे। अमेरिका मेंं पीतल के छल्ले ले जाना गैरकानूनी है।
चालीस वर्षीय विजय कुमार को 20 अगस्त को हाउजटन हवाईअड्डे पर गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके सामान से पितल के छल्ले और जिहादी साहित्य मिला था। इस अपराध में मुंबई के मलाड के रहने वाले कुमार को 20 दिन की कैद की सजा हुई थी। कुमार आव्रजन संबंधी आरोपों में उलझनों और जेल से बचने के लिए मुकदमें में समझौता करने के लिए तैयार हो गए हैं। उनके वकील ग्रांट शीनर कहते हैं, ""वह केवल परिस्थितियों के शिकार हैं।
यह मामला तभी खारिज हो जाना चाहिए था जब उन्होंने एक टीएसए (परिवहन सुरक्षा प्रशासन) वेबसाइट के प्रति अपना भरोसा जताया था।"" टेक्सास में पीतल के छल्ले लेकर चलना प्रतिबंधित है इसलिए जब वहां से होते हुए कनाडा के वेंकूवर जा रहे कुमार के पास इन्हें देखा गया तो उन पर एक प्रतिबंधित हथियार ले जाने का आरोप लगा। कुमार एक हिंदू संगठन के बुलावे पर कनाडा में एक शांति सम्मेलन में शामिल होने के लिए जा रहे थे। जज ने उनका पासपोर्ट और वीजा जब्त करने का आदेश दे दिया था। बाद में उनके पास पासपोर्ट न होने की वजह से उन्हें हैरिस काउंटी जेल में डाल दिया गया था।
भारत समाचार
स्वदेश लौटेंगे अमेरिका में गिरफ्तार हुए भारतीय फिल्मकार





















