रांची। झारखण्ड में मंत्री न बनाए जाने से नाराज झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के चार विधायकों ने मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी है।
मुंडा ने शुक्रवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए इसमें नौ मंत्रियों को शामिल किया था। वरिष्ठ झामुमो विधायक साइमन मरांडी ने कहा, ""हम सरकार के खिलाफ काम करेंगे और यदि हमें मौका मिला तो हम सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेंगे।"" झामुमो के ही एक अन्य विधायक टेकलाल महतो ने कहा, ""पार्टी में गुटबाजी बढ़ गई है। चार दशकों तक पार्टी में एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह काम करते रहने के बावजूद हमें उचित स्थान नहीं मिला है।"" दो अन्य विधायक नलिन सोरेन और लोबिन हेम्ब्रम भी मंत्रिमंडल में जगह न मिलने पर अपनी नाखुशी जाहिर की है। इन चारों विधायकों ने शुक्रवार को राजभवन में हुए मंत्रिमंडल विस्तार समारोह का बहिष्कार किया था। मुंडा ने लगभग एक महीने बाद अपने मंत्रिमंडल में शुक्रवार को विस्तार किया। उल्लेखनीय है कि राज्य की 12 सदस्यीय मंत्रिमंडल में झामुमो के पांच मंत्री शामिल हैं, जिसमें उपमुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन भी शामिल हैं। इसी प्रकार जनता दल (युनाइटेड) की सुधा चौधरी को शिबू सोरेन की सरकार में मंत्री बनाया गया था लेकिन इस बार उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया है। वह भी नाराज बताई जा रही हैं। उनकी जगह गोपाल कृष्ण पातर को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है।





















