नई दिल्ली। भारतीय हॉकी टीम के कोच जोस ब्रासा ने 19वें राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में आस्टे्रलिया के हाथौं मिली करारी शिकस्त के बाद अपने खिलाç़डयों से "बीती ताहि बिसारकर" आगे बढ़ने की सलाह दी है। भारतीय टीम के एक सूत्र ने बताया कि कोच हालांकि इस बात को लेकर बेहद नाराज थे कि टीम ने आस्टे्रलिया के खिलाफ तय रणनीति के उलट खेल दिखाया लेकिन साथ ही कोच का यह भी मानना है कि विश्व चैम्पियन आस्ट्रेलिया को हराना उनकी टीम के लिए वैसे भी मुश्किल काम था।
सूत्र ने कहा, ""कोच इस बात को लेकर नाराज थे कि हमने "मैन टू मैन" रणनीति का पालन नहीं किया और आक्रमण के विफल होने के बाद अपने डी-क्षेत्र में समय पर नहीं पहुंच सके। आस्टे्रलियाई टीम की सबसे ब़डी खासियत यह है कि गेंद मिलने के बाद उसका हमला बिजली की गति से होता और यही उसे खास बनाता है। इसके बावजूद कोच ने हमें एशियाई खेलों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा है।"" ब्रासा ने अपने खिलाç़डयों से कहा है कि अगर वे राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में पहुंच सकते हैं तो एशियाई खेलों में उनके पदक जीतने की पूरी संभावना है। सूत्र ने कहा, ""हमसे कहा गया है कि हमारा खेल (फाइनल को छो़डकर) सराहनीय रहा है। एशियाई खेलो में हमारे पदक जीतने की संभावना है क्योंकि इसमें यूरोपीयन शैली की हॉकी खेलने वाली और कोई टीम नहीं है। पाकिस्तान को हम कई बार हरा चुके हैं और मलेशिया तथा दक्षिण कोरिया से हम कई लिहाज में बेहतर हैं।"" सूत्र ने कहा कि कोच ने एक बार फिर अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान पाकिस्तान के साथ खेले गए पूल मैच के बाद कई खिलाडियों ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया था। इसे लेकर ब्रासा ने पूरी टीम की खिंचाई की थी। कोच ने कहा था कि अनुशासनहीनता वह कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और इस तरह की घटना दोबारा होने पर वह इसकी शिकायत हॉकी इंडिया से करेंगे। एशियाई खेलों का आयोजन 12 से 27 नवम्बर तक चीन में होना है। एशियाई खेलौं में वही टीम हिस्सा लेगी, जिसने राष्ट्रमंडल खेलों का फाइनल खेला है। भारतीय टीम पहली बार राष्ट्रमंडल खेलौं के फाइनल में पहुंची और रजत पदक जीता। फाइनल में आस्टे्रलिया के हाथौं उसे 0-8 से करारी हार मिली थी।





















