नई दिल्ली/चेन्नई/बेंगलुरू। कर्नाटक में सरकार बचाने और गिराने को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा विपक्षी जनता दल (सेक्युलर) और कांग्रेस के बीच शह मात का खेल जारी है। इस बीच सभी निगाहें विधानसभा अध्यक्ष पर टिक गई हैं कि वह बागी विधायकों को विश्वास मत में शामिल होने की अनुमति देते हैं या फिर उन्हें इसके अयोग्य करार देते हैं। भाजपा के सभी बागी विधायक मुम्बई, गोवा और पणजी के बाद अब चेन्नई पहुंच चुके हैं। ये सभी विधायक यहां के होटल में ठहरे हुए हैं जहां कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री व जनता दल (सेक्युलर) के नेता एच. डी. कुमारस्वामी खुद डेरा डाले हुए हैं। संभावना है कि देर शाम ये विधायक बेंगलुरू पहुंचें।
ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा को सोमवार को 11 बजे विधानसभा में बहुमत साबित करना है। इस बीच मुख्यमंत्री द्वारा बागी विधायकों को वापस लौटने के लिए निर्धारित की गई समय सीमा भी खत्म हो गई है। भाजपा सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक बागी विधायक यदि पार्टी खेमे में वापस नहीं लौटते हैं तो वह उन्हें विश्वास मत में शामिल होने से रोकने के सभी संवैधानिक उपाय कर सकती है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच शह मात को लेकर चल रहे खेल के बीच राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने विधानसभा अध्यक्ष के. जी. बोपैया को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि छह दिसम्बर की यथास्थिति को बरकरार रखा जाए। सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि राज्यपाल ने एक पत्र के माध्यम से बोपैया को 224 सदस्यीय विधानसभा में छह दिसम्बर को यथास्थिति को बरकरार रखने का निर्देश दिया है। मतलब राज्यपाल ने बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया है। बहरहाल, अब सभी की निगाहें विधानसभा अध्यक्ष पर टिकी हुई है। चर्चा है कि रविवार रात तक वह अपना फैसला सुना सकते हैं। अध्यक्ष ने बागी विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था लेकिन बागी विधायकों में सिर्फ दो ही सशरीर उनके समक्ष उपस्थित हुए। अन्य विधायकों ने अपने-अपने वकील विधानसभा अध्यक्ष के पास भेजे।
इस बीच, कुमारस्वामी ने रविवार को कहा कि सोमवार को विधानसभा में होने वाले शक्ति परीक्षण में कांग्रेस के साथ मिलकर सत्तारूढ़ भाजपा को पराजित करना उनकी पार्टी की पहली प्राथमिकता है। चेन्नई के एक होटल में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, ""हमारी पहली प्राथमिकता इस खराब सरकार को सत्ता से हटाना है। कांग्रेस और जेडी (एस) विपक्ष में है। हम विपक्षी दल संयुक्त रूप से भाजपा को हराने जा रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि विश्वास प्रस्ताव में सरकार की हार होगी।"" कुमारस्वामी ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा की सरकार पर विश्वास मत में जीत हासिल करने के लिए सरकारी मशीनरी के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष के पद के दुरूपयोग का आरोप लगाया।
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कर्नाटक में जारी है शह मात का खेल





















