रांची। झारखण्ड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरूवार को घोषणा की कि राज्य सरकार जल्दी ही प्रदेश में विवाह से पहले युगलों के लिए खून की जांच कराने की सुविधा की शुरूआत करेगी। मुंडा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ""हम जल्दी ही राज्य में विवाह से पहले होने वाली खून की जांच शुरू करेंगे ताकि जोडियां विवाह के बाद स्वस्थ बच्चों को जन्म दें।""
उन्होंने बताया कि इस जांच के लिए सभी जिलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं शुरू की जाएंगी। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के आंक़डे बताते हैं कि झारखण्ड में 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से पीडित हैं। विवाह से पहले होने वाली यह जांच जोडियों के सुखी वैवाहिक जीवन व स्वस्थ बच्चों को जन्म देने में मददगार होगी।
सूत्र बताते हैं कि विवाह से पहले होने वाली खून की जांच से पता चलेगा कि दोनों साथियों में से किसी को एचआईवी या एड्स की बीमारी तो नहीं है। खून की यह जांच कराना अनिवार्य नहीं होगा लेकिन सरकार इसका प्रचार-प्रसार करेगी।





















