कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

विद्रोही विधायकों पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुरक्षित किया

बेंगलुरू। कर्नाटक उच्च न्यायालय की एक खण्डपीठ ने मंगलवार को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 11 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में अपना फैसला सुरक्षित कर लिया। साथ ही अदालत ने पांच निर्दलीयों के मामले में सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी। मुख्य न्यायाधीश के.एस.खेखर और न्यायमूर्ति एन.कुमार की पीठ ने भाजपा के विद्रोहियों पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया।
इसके पहले विद्रोहियों के वकील पी.पी.राव और राज्य सरकार के वकील सोली सोराबजी ने अपनी-अपनी बहस पूरी की। निर्दलीय विद्रोहियों के मामले में पीठ ने उनके वकील के.जी.राघवन को कहा कि संयुक्त रिट याचिका फिर से दायर करें, क्योंकि उनकी मूल याचिका में एक तकनीकी ग़डब़डी थी। निर्दलीय विधायकों की मूल याचिका में लिखा गया था कि उन्होंने भाजपा को कभी नहीं छो़डा। जबकि बहस में उनके वकील राघवन ने कहा कि ये विधायक भाजपा में कभी शामिल नहीं हुए थे। यद्यपि अदालत संयुक्त याचिका को फिर से दायर करने की अनुमति दे दी, लेकिन उनकी अयोग्यता पर स्थगन आदेश देने से इंकार कर दिया। इस कारण विद्रोहियों को कोई राहत नहीं मिल पाई। ज्ञात हो कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा ने सोमवार को भारी हंगामे के बीच विश्वास मत हासिल किया था। विधानसभा अध्यक्ष के.जी.बोपैया ने विश्वास मत के पहले ही 16 विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया था। बाद में ये विधायक उच्च न्यायालय चले गए।

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें