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कोलकाता बना जाली नोटों के वितरण का प्रमुख केंद्र

पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी अपनी जांच के दौरान 30 हजार रूपए के फर्जी नोटों के साथ मालदा से कुछ और एजेंटो को गिरफ्तार किया था। मुंबई और मालदा में हुई अलग-अलग जांच से खुलासा हुआ कि उप एजेंट मोमिन के अंतर्गत काम करते थे। सीआईडी अघिकारी टी.पांडे ने बताया कि मालदा से जब्त फर्जी नोटों को इतनी कुशलता से बनाया गया था कि विशेषज्ञ भी चौंक गए थे।
भारतीय रूपए छापने के लिए जिस स्याही और कागज का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं सामग्री इन फर्जी नोटों को बनाने मे भी प्रयोग होती है। भारत नोट छापने के लिए इंग्लैंड की एक एजेंसी से कागज और स्याही प्राप्त करता है। यही एजेंसी पाकिस्तान को भी यह सामग्री पहुंचाती है।




















