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भारत समाचार

कोलकाता बना जाली नोटों के वितरण का प्रमुख केंद्र

कोलकाता, 24 अगस्त। भारत के पूर्वी राज्य पश्चिम बंगाल की सीमा के असुरक्षित होने के कारण कोलकाता शहर तेजी से जाली नोटों के वितरण का प्रमुख केंद्र बन रहा है। सीआईडी को इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि लाहौर का तस्करी संगठन कौसर ब्रदर्स इस सीमा के जरिए भारत में जाली नोटों का रैकेट फैलाने में जुटा है। इस संगठन के मुख्य एजेंट रोबुल कौसर हाजी मोमिन के भारत-बांग्लादेश सीमा पर ही कही छिपे होने की आशंका है। मुंबई में पिछले माह मोमिन के उप एजेंट अनीरूल और ओपू की गिरफ्तारी के बाद कौसर ब्रदर्स के इस घंघे में शामिल होने का खुलासा हुआ। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के निवासी इन दोनों एजेंटो के पास से 40 हजार रूपए के फर्जी नोट बरामद किए थे। इसके ठीक बाद मुंबई पुलिस की एक विशेष टीम बंगाल आई थी।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी अपनी जांच के दौरान 30 हजार रूपए के फर्जी नोटों के साथ मालदा से कुछ और एजेंटो को गिरफ्तार किया था। मुंबई और मालदा में हुई अलग-अलग जांच से खुलासा हुआ कि उप एजेंट मोमिन के अंतर्गत काम करते थे। सीआईडी अघिकारी टी.पांडे ने बताया कि मालदा से जब्त फर्जी नोटों को इतनी कुशलता से बनाया गया था कि विशेषज्ञ भी चौंक गए थे।
भारतीय रूपए छापने के लिए जिस स्याही और कागज का इस्तेमाल किया जाता है, वहीं सामग्री इन फर्जी नोटों को बनाने मे भी प्रयोग होती है। भारत नोट छापने के लिए इंग्लैंड की एक एजेंसी से कागज और स्याही प्राप्त करता है। यही एजेंसी पाकिस्तान को भी यह सामग्री पहुंचाती है।

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