नई दिल्ली। देश की कंपनियां वैधानिक विवरण देने के मामले में पिछ़डी हुई हैं। अभी तक 54 प्रतिशत कंपनियों ने वार्षिक परिणामों और करों की जानकारी अधिकारियों को नहीं दी है।
कंपनी मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि 370,196 कंपनियों ने वर्ष 2008-09 में रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (आरओसी) के समक्ष बैलेंस शीट नहीं पेश किया। एक लिखित उत्तर में मंत्री ने कहा कि पहले के वर्षो में क्रमश: यह संख्या 3,03,230 और 3,07,236 थी। देश की निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की कुल 677,095 कंपनियों को वर्ष 2008-09 और इससे पहले के साल में 6,18,674 कंपनियों ने अपना विवरण दाखिल नहीं किया है। वित्त वर्ष 2009-10 के लिए विवरण अभी दाखिल नहीं किया जाना है। खुर्शीद ने पिछले सप्ताह कहा कि ऎसी कंपनियों पर जुर्माना लगाना कोई हल नहीं है और कंपनियों को नियमों का पालन कराने के लिए और अधिक ठोस प्रयासों की आवश्यकता है। खुर्शीद ने मंत्रालय के अधिकारियों के एक सम्मेलन से इतर संवाददाताओं से कहा कि इन कंपनियों पर लगाए गए जुर्माने किसी शेख के लिए पार्किग टिकट के समान हैं।





















