हिसार (हरियाणा)। हरियाणा में सरकारी नौकरियों और श्ौक्षणिक संस्थाओं में आरक्षण की मांग को लेकर जाट समुदाय द्वारा किए गए उग्र प्रदर्शन के मद्देनजर जिले के विभिन्न हिस्सों में प्रशासन ने मंगलवार को कफ्र्यू लगा दिया। जिले में दोबारा हिंसा फैलने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सेना से मदद मांगी है।
जिले में सोमवार को जाट समुदाय के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने मंगलवार को चण्डीगढ़ में बताया, ""हिसार जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में कफ्र्यू लगा दिया गया है। प्रशासन ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए सेना की मदद मांगी है।"" हिसार के जिलाधिकारी युद्धवीर सिंह खयालिया ने कहा कि ऎहतियात के तौर पर ये कदम उठाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने निजी क्षेत्र के एक बैंक, एक एटीएम मशीन और एक कॉटन मिल पर हमला बोल दिया। उन्होंने तेल टैंकरों और हरियाणा सरकार की दो बसों में भी आग लगा दी। उपद्रव को देखते हुए हरियाणा रोडवेज ने प्रभावित इलाकों में अपनी सेवाएं स्थगित कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिसार और दिल्ली से जो़डने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-10 को भी अवरूद्ध कर दिया। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने हिसार में बैठक कर राज्य की भूपेंद्र सिंह हूडा के नेतृत्व वाली सरकार को मांगे मानने के लिए दो घंटे का अल्टीमेटम दिया।





















