नई दिल्ली। केन्द्रीय खेल मंत्रालय की आपत्तियों के बाद भारतीय हॉकी महासंघ (आईएचएफ) के तीन अक्टूबर को होने वाले चुनावों पर संकट गहरा गया है।
मंत्रालय ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इस मामले में आईएचएफ से स्पष्टीकरण मांगा है। मंत्रालय की सचिव दीपिका कच्चल ने आईएचएफ को लिखे पत्र में कुछ बिंदुओं का जिक्र करते हुए कहा कि वह चुनावों से पहले इन बिंदुओं पर मंत्रालय को संतोषजनक जवाब भेजे। पत्र में उठाया गया सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा आईएचएफ और भारतीय महिला हॉकी महासंघ (आईडब्ल्यूएचएफ) के विलय का है। मंत्रालय ने पूछा है कि आईएचएफ ने विलय की जो प्रक्रिया अपनाई थी क्या वह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के अनुरूप है। मंत्रालय ने साथ ही पूछा है कि आईएचएफ के नियम, कायदों में किए गए हालिया बदलाव क्या संस्था के मूल संविधान का पालन करते है और क्या आईडब्ल्यूएच का विघटन किया जा चुका है और इसकी सूचना सोसायटी पंजीयक को दी गई है या नहीं।
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हॉकी महासघ के चुनाव पर संकट के बादल




















