मुजफ्फरनगर। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में बाढ़ के हालात सामान्य हो रहे हैं जबकि बिजनौर और मुरादाबाद में स्थिति सामान्य होने में अभी समय लगेगा।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में संक्रामक बीमारियों के फैलने के खतरे को देखते हुए भारतीय चिकित्सा परिषद (आईएमए) के चिकित्सकों की भी मदद ली जा रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पिछले 24 घंटे के दौरान सात लोगों की मौत हुई है। हथिनिकुंड बैराज से तीन लाख क्यूसेक पानी छो़डे जाने के बाद मेरठ के हस्तिनापुर इलाके के 32 गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। बिजनौर में रामगंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की वजह से बिजनौर-धामपुर मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया है। सहारनपुर में 600 से अधिक बाढ़ पीडितों के बीच राहत सामग्री बांटी गई। मुजफ्फरनगर में यमुना में डूबकर मरने वाले व्यक्ति मोहकाम को जिला प्रशासन ने एक लाख रूपये की मुआवजा राशि मुहैया कराई है।
जिले के जिलाधिकारी संतोष यादव ने कहा, ""बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए सरकारी चिकित्सकों के अलावा भारतीय चिकित्सा परिषद के निजी चिकित्सकों को भी तैनात किया गया है।"" जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) आनंद स्वरूप ने बताया कि जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रभावित इलाकों में दवा का छि़डकाव कराया जा रहा है।
भारत समाचार
मुजफ्फरनगर के बाढ़ग्रस्त इलाकों में हालात सामान्य





















