मोतिहारी। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्णा आडवाणी ने जम्मू कश्मीर का भारत में विलय नहीं मानने के लिए वहां के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कडी आलोचना की। आडवाणी ने बिहार के मोतिहारी के एक चुनाव सभा में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आशीर्वाद से उमर कर रहे हैं।
जम्मू कश्मीर ने केवल भारत से संबंध जोडा है। जम्मू कश्मीर का भारत में विलय नहीं हुआ है। आडवाणी ने कहा कि जम्मू कश्मीर में दो अलग अलग कानून, दो प्रधान और दो निशान (ध्वज) के विरोध का नारा पार्टी के दिवंगत नेता श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिया था। पहले जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति और उच्चातम न्यायालय का अधिकार नहीं चलता था। उन्होंने कहा कि भारत और जम्मू कश्मीर का अलग अलग झडा था, लेकिन मुखर्जी के आंदोलन से वहां भी तिरंगे को स्वीकार किया गया और अब लोग राष्ट्रीय ध्वज को वहां फहरा सकते है। आडवाणी ने कहा कि उमर जो कह रहे है यहां भारत के विदेश मंत्री उसका समर्थन कर रहे है, लेकिन जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंक है। उन्होंने कहा कि अंग्रेज देश को आजाद कर गए लेकिन वह ऎसे बीज बो गए थे कि देश के टुकडे टुकडे हो जाते लेकिन सरदार पटेल जैसे महान नेता ने तत्कालीन रजवाडों का विजय कर भारत को एकजुट करने का काम किया।





















