नई दिल्ली। भारत अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को उनकी छह से नौ नवंबर तक की यात्रा के दौरान इस बात से प्रभावित करने का प्रयास करेगा कि आउटसोर्सिग से अमेरिका में नौकरिया पैदा हुई हैं। वहां हजारों लोगों को रोजगार मिला है और उन्हें निकाला नहीं गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आगमन की रूपरेखा बताते हुए विदेश सचिव निरूपमा राव ने यहां संवाददाताओं से कहा, ""आउटसोर्सिग के मुद्दे पर चर्चा होगी।"" उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के लिए यह संवेदनशील मुद्दा रहा है।
अमेरिका में भारतीय कंपनियों के बढ़ते अभियानों का जिक्र करते हुए राव ने कहा, ""फिक्की (फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बरर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) द्वारा हाल में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि हमारे साझेदार उपक्रमों ने अमेरिका में रोजगार के हजारों अवसर सृजित किए हैं।"" उन्होंने कहा कि जिस दौरान अमेरिका भारत में तीसरा सबसे ब़डा निवेशक था, भारत भी अमेरिकी अर्थव्यस्था को सुदृढ़ करने में योगदान दे रहा था।
विदेश सचिव ने कहा, ""अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार भारत अमेरिका में सीधे निवेश करने के मामले में सबसे तेजी से बढ़ता विदेशी स्त्रोत है। वे सृजित करते हैं, बचत करते हैं या हजारों की संख्या में नौकरियां पैदा कर अमेरिका को सहयोग देते हैं।"" उन्होंने कहा, ""भारत का रक्षा अर्जन एवं ऊर्जा तथा उड्डयन के क्षेत्र में व्यापक खरीददारी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में उसकी भागीदारी का उदाहरण है।""
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"भारत ने आउटसोर्सिग से अमेरिका में पैदा कीं नौकरियां"




















