पटना। बिहार में नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों में बाकी बचे तीन पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए पुलिस ने अपना अभियान तेज कर दिया है।
मुंगेर जिले के ख़डगपुर अनुमण्डल के भीमबांध जंगल सहित जमुई, लखीसराय और बांका के पह़ाडी इलाकों में भी पुलिस पूरी मुश्तैदी से अभियान में जुटी हुई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ख़डगपुर पुलिस उपाधीक्षक पी$ के$ चंद्रा के नेतृत्व में करीब एक हजार जवानों ने भीमबांध जंगल में रातभर तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई गांवों में भी तलाशी अभियान चलाया गया। चंद्रा ने बताया कि पुलिस अभियान को और तेज कर दिया गया है तथा बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों की तलाशी में अगर और पुलिसकर्मियों को शहादत देनी प़डी तो वे इससे भी गुरेज नहीं करेंगे। इधर, पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध कराये गए सेटेलाइट चार्टर्ड हेलीकॉप्टर से पूरे इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। इस अभियान में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), विषेष कार्य बल (एसटीएफ), बिहार सैन्य बल (बीएमपी) तथा कोबरा बटालियन को लगाया गया है। उल्लेखनीय है कि रविवार को लखीसराय के कजरा थाना क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभे़ड के दौरान नक्सली चार पुलिसकर्मियों को बंधक बना ले गए थे। इनमें से बिहार सैन्य पुलिस के लुकस टेटे का शव पुलिस ने लखीसराय के चानन थाना क्षेत्र से बरामद किया था। परंतु अभी भी रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय) तथा ऎहतशाम खान (मांडर, रांची) नक्सलियों के कब्जे में हैं। प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश का दावा है कि रविवार को लखीसराय जिले के कजरा थाना क्षेत्र में हमारे लोगों ने पुलिस दल पर हमला करने के बाद राज्य के दो पुलिस निरीक्षक (एसआई) और बिहार सैन्य बल (बीएमपी) के दो जवानों को बंधक बना लिया है। नक्सलियों ने बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों को सशर्त छो़डने के लिए पहले बुधवार को चार बजे शाम तक तथा बाद में गुरूवार सुबह दस बजे तक की समयसीमा तय की थी। नक्सलियों ने शुक्रवार को जेल में बंद अपने आठ साथियों को छो़डने की शर्त रखी थी।
भारत समाचार
बंधक पुलिसकर्मियों को छु़डाने के लिए रातभर चला अभियान





















