नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मंगलवार को कहा है कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद पर उसकी प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में होगी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक के सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने यहां भारतीय महिला प्रेस कॉप्र्स में संवाददाताओं से कहा, राम जन्मभूमि पर राम मंदिर की इच्छा हर हिंदू की है। और वही हमारी इच्छा है। लेकिन अदालत के फैसले का इंतजार करेंगे और हमारी प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक और कानून के दायरे में होगी। गौरतलब है कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच की तीन सदस्यीय पीठ 24 सितंबर को फैसला सुनाने वाली है। इस भूमि पर हिंदुओं और मुसलमानों के अलग-अलग दावों के चलते ही इस स्थान पर 16वीं शताब्दी की बाबरी-मस्जिद को 6 दिसंबर, 1992 को हिंदू आस्तिकों की भी़ड ने ढहा दिया था। इसकी प्रतिक्रिया में देश में व्यापक स्तर पर हिंसा भ़डक उठी थी और देशभर में सैक़डों लोग मारे गए थे।
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अयोध्या फैसले पर प्रतिक्रिया कानून-सम्मत होगी : आरएसएस





















