नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी, जिसमें कहा गया है कि सीबीआई रिजवानुर रहमान की मौत को हत्या के रूप में ले और मामले की फिर से जांच करे। सर्वोच्च न्यायालय सीबीआई की याचिका पर छह सितंबर को सुनवाई करेगा। ज्ञात हो कि रिजवानुर रहमान का शव उत्तरी कोलकाता के पातीपुकुर के पास रेलवे की पटरी पर 21 सितंबर, 2007 को पाया गया था। रिजवानुर कंप्यूटर ग्राफिक्स का अध्यापक था और उसने उद्योगपति अशोक तोडी की बेटी प्रियंका से 18 अगस्त, 2007 को उसके पिता की मर्जी के खिलाफ शादी की थी।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 18 मई, 2010 को सीबीआई से कहा था कि वह रिजवानुर की रहस्यमय मौत को हत्या के रूप में ले और मामले की नए सिरे से जांच करे। जबकि सीबीआई ने अपनी जांच में कहा था कि रिजवानुर की मौत आत्महत्या के कारण हुई थी और उसने तोडी और अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज करने की सिफारिश की थी। सीबीआई ने सर्वोच्चा न्यायालय को बताया कि उसने पहले ही सिरे से वैज्ञानिक तरीके से जांच की है और नए सिरे से जांच करने से मामले में बेवजह देरी ही होगी। अपनी याचिका में सीबीआई ने कहा है कि कानून में दूसरी प्राथमिकी दर्ज कराने का कोई प्रावधान नहीं है। उसने कहा कि उसने ""तीन वर्ष पहले इस मौत के संबंध में एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। भारतीय अपराध दंड संहिता में एक ही अपराध या घटना के संदर्भ में दूसरी प्राथिमिकी दर्ज करने का कोई प्रावधान नहीं है।""
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रिजवानुर मामले में सीबीआई पहुंची सर्वोच्चा न्यायालय





















