बीजिंग। भारी-भरकम लोगों के बीच ल़डी जाने वाली जापान की पारंपरिक सूमो कुश्ती को ओलंपिक खेलों में जगह मिल सकती है।
सूमो का 20 वर्ष पहले अंतर्राष्ट्रीयकरण किया गया था। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने एशियाई सूमो यूनियन के उपाध्यक्ष मे याओजियांग के हवाले से लिखा है, ""जापान सूूमो को ओलंपिक में जगह दिलाने के लिए लम्बे समय से प्रयासरत है। ऎसे में सूमो को ओलंपिक में शामिल करने की स्थिति बनती दिख रही है।"" पारंपरिक तौर पर जापान ने सूमो कुश्ती के अंतर्राष्ट्रीयकरण के दो वर्ष बाद 1992 में एक अंतर्राष्ट्रीय सूमो प्रतियोगिता आयोजित कराई थी। इसमें दुनिया भर के कई एथलीटों को आमंत्रित किया गया था। यही वह वक्त था जब यूरोप में सूमो को पहचान मिली। जापान में महिलाओं को सूमो कुश्ती ल़डने की इजाजत नहीं है। इस खेल में पोशाक का बहुत महत्व है और इसे लेकर खास सख्ती बरती जाती है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हालांकि इस तरह की सख्ती नहीं है। महिला या पुरूष पहलवान इसमें हिस्सा ले सकते हैं।





















