नई दिल्ली। 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी से सरकार की झोली भर गई है। सरकारी क्षेत्र की बीएसएनएल और एमटीएनएल तथा निजी क्षेत्र की भारती, वोडाफोन और रिलायंस कम्युनिकेशंस सहित कुल नौ दूरसंचार कंपनियों ने सोमवार को 67,719 करोड रूपए की राशि का भुगतान कर दिया। 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी हाल में संपन्न हुई है।
भारतीय एयरटेल ने 13 सर्किलों के लिए सबसे ज्यादा 12,295.46 करोड रूपए की राशि का भुगतान किया है। इसके बाद वोडाफोन ने 11,617.86 करोड रूपए और सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल ने 10,186.56 करोड रूपए की राशि का भुगतान किया है। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने सरकार को 3जी स्पेक्ट्रम के लिए 8,585.04 करोड रूपए की राशि चुकाई है। आराकम को दिल्ली और मुंबई सहित 13 सर्किलों में 3जी सेवा के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित किया गया है।
दिल्ली और मुंबई सर्किलों में दूरसंचार सेवाएं देने वाली एमटीएनएल ने 3जी स्पेक्ट्रम के लिए 6,564 करोड रूपए जमा किए है। कुल 34 दिन चली 3जी स्पेक्ट्रम की नीलामी में नौ कंपनियों ने भाग लिया। सार्वजनिक क्षेत्र की बीएसएनएल और एमटीएनएल को एक साल पहले 3जी स्पेक्ट्रम मिल गया था। उन्हें 3जी में उभरी कीमत के हिसाब से भुगतान करना पडा है। टाटा, आडडिया और वोडाफोन ने भी सरकार को स्पेक्ट्रम के लिए देय राशि जमा करा दी है। इन कंपनियों के प्रवक्ताओं ने राशि जमा कराने की जानकारी दी। टाटा ने 5,864.29 करोड का भुगतान किया है। उसे नौ सर्किलों के लिए 5,768.59 करोड दिए है।
वोडाफोन को दिल्ली और मुंबई सहित नौ सर्किलों के लिए स्पेक्ट्रम मिला है। कंपनी ने सरकार को 11,618 करोड रूपए का भुगतान किया है। इनके अलावा अन्य निजी क्षेत्र की आपरेटर एयरसेल और एसटेल ने भी सरकार को 3जी स्पेक्ट्रम की राशि अदा की है।
भारत समाचार
दूरसंचार कंपनियों ने किया 67719 करोड रूपए का भुगतान





















