कोई परिणाम नहीं मिला

No Result Found

भारत समाचार

मथुरा में बाघ का आतंक, तलाश जारी

आगरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में दो दिन पहले आधा दर्जन लोगों को जख्मी करने वाले बाघ का फिलहाल कोई पता नहीं चल पाया है। मोहन नामक इस बाघ की तलाश में तीन राज्यों के वन्यकर्मी लगे हुए हैं।

अधिकारियों ने हालांकि संभावना जताई है कि बाघ राजस्थान की सीमा के आस-पास मौजूद हो सकता है। बाध की तलाश में उत्तरप्रदेश, राजस्थान, रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान, देहरादून के वाइल्ड लाइफइंस्ट्यूट और वाइल्ड लाइफ एसओएस के अधिकारी आगरा-मथुरा सीमा पर डेरा डाले हुए हैं। अधिकारी बाघ की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित हैं। क्षेत्रीय वन्यजीव संरक्षक आर.पी. भारती ने बताया, ""ऎसी पूरी संभावना है कि बाघ राजस्थान की सीमा में प्रवेश कर गया हो या फिर आज शाम तक ऎसा करे। बाघ के पंजों के निशान उसी ओर संकेत करते हैं।"" उन्होंने बताया, ""अभी वे चार से पांच किलोमीटर के दायरे में चक्कर काट रहा है जबकि उसे एक दिन में 15 से 16 किलोमीटर के दायरे में चक्कर लगाना चाहिए। ऎसे में लगता है कि वह घायल है। बाघ अगर भरतपुर पक्षी अभयारण्य में पहुंच जाए तो यह हमारे लिए बेहतर होगा।"" आगरा के प्रभागीय वन अधिकारी एन. के. जानू ने बताया, ""शहजादपुर में बाघ के पैरों के निशान मिले हैं। वह बहुत चतुर है और उसकी उम्र चार साल के करीब है।""  

अन्य खबरें

ये भी पढ़ें

अन्य खबरें