नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा ने सोमवार को कहा कि विभिन्न क्षेत्रों को दिए गए प्रोत्साहन पैकेज एकसाथ वापस नहीं ले लिए जाएंगे, क्योंकि वैश्विक आर्थिक सुधार मजबूत नहीं है।
प्रोत्साहनों को वापस लिए जाने की समय सीमा के बारे में पूछे जाने पर शर्मा ने कहा, ""हम अभी संकट से बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं प्रोत्साहनों को नाप-तौल कर वापस लिए जाने को वरीयता दूंगा।"" वैश्विक अर्थव्यवस्था में पैदा हुए वित्तीय संकट के बाद 2008 के अंतिम दिनों से भारत सहित दुनिया के अधिकांश देश विभिन्न क्षेत्रों को प्रोत्साहन दे रहे हैं। शर्मा ने कहा, ""अभी तक का सुधार कमजोर है और दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं अभी भी मंदी के दौर से उबर ही रही हैं।"" उन्होंने कहा कि यूरोपीय देशों में ेबाजारों में वित्तीय हालात और भारी कर्ज ग्रस्तता को लेकर घबराहट की स्थिति बनी हुई है। शर्मा ने कहा कि सरकार तब तक प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराती रहेगी, जब तक वृद्धि को बनाए रखने के लिए यह जरूरी होगा। विदेश व्यापार नीति के लिए वार्षिक परिशिष्ट की घोषणा करते हुए शर्मा ने कहा कि सरकार श्रम केंद्रित क्षेत्रों में निर्यातकों को 1,050 करो़ड रूपये का अतिरिक्त बोनस प्रोत्साहन उपलब्ध कराएगी।





















