नई दिल्ली। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की सरकार एक बार फिर बच गई। कर्नाटक हाईकोर्ट ने आज 11 बागी भाजपा विधायकों पर कोई फैसला नहीं आ पाया, क्योकि फैसला देने वाली बेंच के दोनों जजों की राय अलग-अलग थी।
अब इसक बेंच में एक और जज को शामिल करके उनकी राय ली जाएगी और फैसला 20 अक्टूबर को आएगा। उधर, पांच निर्दलीय विधायकों के मामलें में भी कोर्ट ने सुनवाई दो नवंबर तक के लिए मुल्तवी कर दी। गौरतलब है कि कर्नाटक में 11 अक्टूबर को हुए पहले शक्ति परीक्षण के समय विधानसभा अध्यक्ष ने इन 16 विधायकों को अयोग्य घोषित किया था और येदियुरप्पा ने हंगामे के बीच ध्वनिमत से सदन में विश्वास मत हासिल कर लिया था। मगर अयोग्य घोषित किए गए 16 विधायकों ने स्पीकर के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को 14 अक्टूबर को दोबारा बहुमत साबित करने के लिए कहा, जिसमें इन 16 विधायकों ने हिस्सा नहीं लिया और येदियुरप्पा एक बार फिर बहुमत साबित करने में सफल हो गए। मत विभाजन के दौरान येदियुरप्पा सरकार के पक्ष में 106 वोट पडे औ विरोध में केवल 100 वोट। इसके बाद से 16 विधायकों पर हाईकोट के फैसले का इंतजार किया जा रहा था। खास बात यह है कि इसी फैसले पर येदियुरप्पा सरकार का भविष्य टिका हुआ है।





















