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अंडमान में चीनी सेना की मौजूदगी से खतरा

विजय शंकर ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि द्वीप समूह से महज 40 किलोमीटर की दूरी पर ग्रेट कोको द्वीप में चीनियों का आधार है, मगर इससे भारत को खतरा नहीं है। इस द्वीप पर एक हजार तीन सौ मीटर के दायरे में एक छोटा सा रनवे हैं जहां केवल छोटे विमान उतर सकते हैं।
हालांकि पिछले छह महीने से वहां कोई विमान नहीं उतरा है। इससे पहले खबरें आई थीं कि श्रीलंका के हम्बनटोटा और मालदीव के द्वीपों में चीन के सैन्य अड्डे हैं। म्यांमार में उसकी सैनिक उपस्थिति है। शंकर ने कहा कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की दृष्टि से चीनी सेना ने भारत के लिए चुनौती पैदा कर दी है। म्यांमार के सैन्य शासकों ने 1994 में कोकोे द्वीप समूह चीन को लीज पर दिया था। माना जाता है कि वृहद कोको द्वीप में चीनी नौसेना की मौैजूदगी है और इलेक्ट्रोनिक खुफिया केंद्र है। वह लघु कोको द्वीप में भी ठिकाना बना रहा है।




















