रोहतक, 4 सितंबर। हरियाणा जनहित कांग्रेस (हजकां) और हरियाणा में इनेलो-भाजपा गठबंधन के बाद अब बसपा में समझौता खत्म हो गया है। बसपा ने गठबंधन टूटने के लिए हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्नोई को जिम्मेदार माना है। बसपा का कहना है कि कुलदीप को गठबंधन में शामिल करके 30 सीटे देना चाहते थे। हरियाणा के रोहतक में गुरूवार को आनन-फानन में बुलाए गए संवाददाता सम्मेलन में बसपा के राष्ट्रीय महासचिव मानसिंह मनहेडा ने हजकां से गठबंघन तोडने की घोषणा की है। मनहेडा ने चार पन्ने के लिखित नोट को पढकर गठबंधन टूटने के कारण गिनाए। उन्होंने खुलासा किया है कि कुलदीप बिश्नोई गठबंघन में भाजपा को भी शामिल करना चाहते थे और उन्हें 30 सीटे देने लिए दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि सीटों का बंटवारा 16 जुलाई को हो गया था। लेकिन इसकी घोषणा के लिए टाल-मटोल करते रहे। मनहेडा ने साझे कार्यक्रमों में कुलदीप बिश्नोई की गैरहाजिरी को भी गठंबंघन टूटने का कारण बताया। उन्होंने कहा कि 18 जून को हुए गठबंघन के बाद कई प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम हुए लेकिन कुलदीप किसी भी शामिल नहीं हुए।