हैदराबाद, 6 सितंबर। आज आंध्रप्रदेश में रोसैया के नेतृत्व में नए मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई गई। राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी ने मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। रोसैया को पहले ही मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जा चुकी है। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि संवैधानिक दृष्टि से इस समय राज्य में कोई मंत्रिमंडल नहीं था। फिलहाल मंत्रिमंडल को दोबारा शपथ दिलाना जरूरी था। राजशेखर रेड्डी के मंत्रिमंडल में 35 मंत्री थे। दो मंत्री रघुवीर रेड्डी और वी सत्यनारायण रेड्डी पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के करीबी माने जाते है। इन्होंने प्रदेश कांग्रेस उघ्यक्ष डी श्रीनिवासन से मुलाकात की है और जगन मोहन रेड्डी को मुख्यमंत्री बनाने का अनुरोघ किया है। कांग्रेस विघायक दल के 156 सदस्यों में 56 रेड्डी समुदाय के है और 33 सांसदों में 11 रेड्डी बिरादरी जगन मोहन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग तो कर रहा है पर पेच ये है कि उनके पास मुख्यमंत्री पद के लिए अनुभव की कमी है। हाई कमान का कहना है कि अभी तो शोक का समय है और इसलिए जगन मोहन समर्थक अपनी गतिविघियें बंद करें। आंघ्र विधानसभा में कांग्रेस के 154 विघायकों में से ज्यादातर पहली बार चुने गए है और वाईएसआर के कट्टर समर्थक है। जगन के पक्ष मे चलाई जा रही इस मुहिम के पीछे वाईआरएस के खास वफादार एमबी विक्रमार्क का हाथ है। वैसे, इस मुहिम का पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता विरोधभी कर रहे है। उनका कहना है कि तमाम पहलूओं को घ्यान में रखने के बाद ही नया मुख्यमंत्री चुना जाना चाहिए।