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जांच कराई जाए तो और कंकाल निकलेंगे : वीरप्पा मोइली

पिल्लई ने साफ किया कि तथाकथित मुठभेड में केन्द्रीय एजेंसियों से कोई व्यक्ति शामिल नहीं था। हमने खुफिया रिपोर्टो के आघार पर तथ्य दिया है। गृह मंत्रालय की हकीकत का फैसला करने के पक्ष में नही था और यह पता करना अदालत का काम है कि वह फर्जी थी या नही। गौरतलब है कि न्यायिक रिपोर्ट में इशरत जहां और उसके दोस्तों के एन्काउंटर को फर्जी करार दिया गया है। जिसके बाद इस मामले में विवाद पैदा हो गया है। कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि अगर इशरत जहां फर्जी मुठभेड किसी दूसरे देश में हुई होती तो मुख्यमंत्री किसी अन्य स्थान पर होते। उन्होंने कहा कि मोदी बडे सकंट की ओर बढ सकते है क्योंकि अब ऎसे काफी मामले सामने आ रहे है। अगर और जांच कराई जाए तो और कंकाल निकलेंगे। मोइली ने कहा कि कई चीजों काफी बर्बर और अमानवीय तरीके से की गई है। इशरत मुठभेड मामले में हुआ खुलासा देश के लिए काफी गंभीर विषय है।




















