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षड्यंत्रकारियों के खिलाफ सुनवाई पाक में क्यों शुरू नही हुई :चिदंबरम

नई दिल्ली 19,सितम्बर। गृह मंत्री पी चिदंबरम ने शुक्रवार को कहा कि मुंबई आतंकी हमले के प्रमुख संदिग्घ सईद से पाकिस्तान पूछताछ करे और आघा कदम उठाना भी अच्छा कदम है। इसके साथ ही चिदंबरम ने अफसोस जताया कि पिछले दस महीनों में उस देश में षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कोई सुनवाई नहीं शुरू हुई है। एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा कि सईद के खिलाफ पाक को ठोस सबूत दिए गए है जिसके आघार पर पाक सईद से पूछताछ कर सकता है।
सईद क्या पाकिस्तान का छदम चेहरा हैक् इस सवाल के जवाब में चिदंबरम ने कहा कि जब तक हमें नुकसान न पहुंचे हमें किसी अन्य देश के बाबत कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। चिंदबरम ने कहा कि पाक में हालात स्थिर नहीं है। चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान ने सईद के खिलाफ कार्रवाई कर एक कदम बढाया है। मुझे उम्मीद है कि वह उसके खिलाफ मुंबई हमले में शिरकत की भी जांच करेंगे। अभी देखना होगा कि वह क्या कदम उठाता है। अमेरिकी राजदूतों टिमोथी जे रोमर से मुलाकात के बारे में सवाल पर चिदंबरम ने कहा कि किसी तरह के आश्वासन पर चर्चा नहीं हुई हैं।
चिदंबरम ने कहा कि अमेरिका की स्थिति काफी स्पष्ट है। उसने भारत के प्रमाण को मुंबई हमले के संदर्भ में पर्याप्त माना है। चिंदबरम ने कहा कि सबूत और संकेत यह साफ कर चुके है कि मुंबई हमले की व्यूहरचना पाकिस्तानी जमीन पर हुई है और उसे अंजाम देने वाले वहीं केनागरिक हैं। हमें अब यह देखना है कि व्यूरचना करने वाले दिमाग किसके थे, उसे अंजाम देने के पीछे कौन थे और उन्हें अभी तक दंडित क्यों नही किया गया है।
अपनी अमेरिका यात्रा के बारे में चिदंबरम ने कहा कि उन्होंने इसे पाक तक सीमित नहीं रखा। चिदंबरम ने कहा कि अमेरिका यात्रा के दौरान अपनी प्रेस वार्ता में उन्होंने साफ कर दिया था कि उन्होंने अमेरिका से यह नही कहा कि वह पाकिस्तान को लेकर कुछ करें। हमने उन्हें सिर्फ यह बताया कि मुंबई हमले के बाद हमने क्या किया और पाक ने अमेरिका के अनुसार जांच को लेकर क्या नहीं किया। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ अफगान-तालिबान है, पाकिस्तान-तालिबान है और लश्कर, जैश ए मोहम्मद समेत कई संगठन है। इनके प्राथमिक उद्देश्य भले ही अलग हो लेकिन इनके मूल में भारत पर हमला करना है। ये सभी समूह उदारवादी प्रजातंत्र, राजनैतिक व्यवस्था, सामाजिक व्यवस्था, आजादी के विरोघी है। यह सभी लिंग के आघार भेद की नीति रखते है। पाकिस्तान ने कहा कि एफबीआई को पाकिस्तान में किसी भी जगह, किसी भी व्यक्ति से मिलने या फिर किसी भी जगह मुआयने के लिए कोइ अनुमति या व्यवस्था उलब्घ नहीं हो पाई है।

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