नई दिल्ली। देश के बंटवारे के बाद पाकिस्तान गए मुस्लिम लोगों की संपत्तियों को उत्तराधिकारी के रूप में संभालने वाले भारतीय मुसलमानों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने बुधवार को कानून में संशोधन की अनुमति दे दी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में शत्रु संपत्ति कानून 1968 में संशोधन करने की अनुमति दी गई। इसे संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पारित कर दिया जाएगा। एक सरकारी बयान में बताया गया, ""शत्रु संपत्ति कानून 1968 में संशोधन के लिए गृह मंत्रालय ने शत्रु संपत्ति (संशोधन एवं मान्यकरण) द्वितीय विधेयक, 2010 पेश किया। उसके इस प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को मंजूरी दे दी।"" इस विधेयक में प्रावधान है कि देश के विभाजन के बाद पाकिस्तान गए मुस्लिमों की संपत्तियों को उत्तराधिकारी के रूप में संभालने वाले भारतीय मुस्लिम उन संपत्तियों पर मालिकाना हक पाने के योग्य होंगे। बशर्ते कि उन्हें यह साबित करना होगा कि वे इस तरह की संपत्तियों के वैधानिक उत्तराधिकारी हैं।





















